सकतपुर थाना क्षेत्र में फौजी के घर हुये लूटपाट और घर को तहस नहस करने के मामले में नगर पुलिस अधीक्षक जांच करने पहुंचे भटोंतर गांव ,सेवानिवृत फौजी को न्याय मिलने की जगी उम्मीद।
सकतपुर थाना क्षेत्र में फौजी के घर हुये लूटपाट और घर को तहस नहस करने के मामले में नगर पुलिस अधीक्षक जांच करने पहुंचे भटोंतर गांव ,सेवानिवृत फौजी को न्याय मिलने की जगी उम्मीद।
सकतपुर थाना क्षेत्र में फौजी के घर हुये लूटपाट और घर को तहस नहस करने के मामले में नगर पुलिस अधीक्षक जांच करने पहुंचे भटोंतर गांव ,सेवानिवृत फौजी को न्याय मिलने की जगी उम्मीद।
दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा /
सकतपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत कैथवार गांव के भटोंतर टोला में 5अप्रेल की सुबह 7बजे के करीब 25-30व्यक्तियों द्वारा एक सेवानिवृत फौजी के घर लूटपाट और घर तोड़ने के मामले में नगर पुलिस अधीक्षक जांच करने घटना स्थल पहुंचे ,जहां ग्रामीणों से पूछताछ की।
नगर एसपी के गांव पहुंचने के बाद फौजी मिश्री चौपाल को आशा हें कि अब उसे न्याय जरूर मिलेगा।लेकिन सेवानिवृत फौजी मिश्री ने कहा कि नगर एसपी जांच करने जब गांव पहुंचे तों वे दरवाजा पर बैठे थे ,नगर एसपी ने पूछा कि आप ही फौजी हो ,आप यहां से जाईये ,आप पर मुकदमा हे,आप न्यायालय से जमानत कराइये ,उनके इतना कहते ही फौजी ने कहा कि सर घर मेरा तोड़ा गया हें ,समान की लूट हुई हें।मेरे पास साक्ष्य हें ऐसे में मेरा बयान भी तों होना चाहिये लेकिन फौजी को वहां से हट जाने के लिये सिटी एसपी ने कह दिया।जांच के दौरान थानाध्यक्ष समेत अन्य पुलिसकर्मी थे।
इससे पूर्व शनिवार को इसी घटना को लेकर बताया जा रहा हें कि सर्किल इंस्पेक्टर /डीएसपी भी घटनास्थल पर जांच करने पहुंचे थे।
दरअसल 5धुर की जमीन पर बने घर पर मिश्री चौपाल के स्वजातीयों ने उनके घर पर अचानक हमला कर दिया और घर में रखे सामान को लूट लिया।घर के ऊपर लगे खपरेल को तहस -नहस कर दिया। इस घटना का तकनीकी साक्ष्य भी सेवानिवृत फौजी के पास हें। इस घटना को लेकर जब फौजी ने थाने में कई लोंगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराया तों ठीक एक -दो दिन बाद ग्रामीणों ने भी फौजी पर मामला दर्ज करा दिया हें हालांकि फौजी पर जो मुकदमे कराए गये हें उसका कोई साक्ष्य वादी के पास नहीं हें। ऐसा लगता हें कि इस घटना का साजिशकर्ता कोई और हें जिसके इशारे पर फौजी के घर अचानक दिन दहाड़े हमला किया गया जिसका उल्लेख भी सेवानिवृत फौजी ने प्राथमिकी में किया हें और डीआईजी को दिये आवेदन में भी किया हें।
यहां बता दे कि राज्य में ही नहीं राज्य के बाहर भी लोग जात की राजनीति करतें आया हें ऐसे में फौजी के जात वालो के द्वारा हमला किया जाना वह भी 25-30आदमियों के साथ यह बात हजम करने वाली बात नहीं हें।
जमीन मात्र पांच धुर हें जिसपर 50वर्षों से ऊपर समय से फौजी एवं उनके पिताजी रहते आये हें।जमीन मालिक ने फौजी के पिता को बसाया था। उस वक्त की बात करें तों मालिक द्वारा रैयतों को बसाया जाता था और मौखिक ही बात होती थी और जमींदार रैयत को बसने के लिये कह देते थे। जिसका कोई कागजी सबूत नहीं होता था। अब यह जमीन सरकारी खाते में आ गया हें ,नियमतः इसपर फौजी का अधिकार नहीं हें लेकिन इसका दूसरा पहलू यह हें कि इस जमीन पर फौजी के परिवार वालों का वर्षों से मकान हें और उसका कब्जा हें। ऐसे में पुलिस इस जमीन को लेकर निर्णय नहीं कर सकती लेकिन ग्रामीणों द्वारा जो व्यवहार सेवानिवृत फौजी के साथ किया गया हें वह कहीं से कानून संगत नहीं हें और फौजी पर हुये मामले में जांचोपरांत कारवाई आवश्यक हें ,यही नहीं फौजी पर किये गये मुकदमे एक साजिश का परिणाम हें।फौजी को उम्मीद हें कि नगर पुलिस अधीक्षक उसे न्याय देंगे।
दाखिल -खारिज के नाम पर बहादुरपुर अंचल में लूट खसौट जारी ,सरकारी जमीन को रैयति जमीन बनाने और दाखिल – खारिज करने में राजस्व कर्मचारी को हें महारत हासिल ,जिलाधिकारी का आदेश भी बेअसर।
पुलिस देखती रही और पेशाब करने के बहाने बंदी चकमा देकर हो गया फरार।डीएमसीएच के मेडिसिन वार्ड के आईसीयू में भर्ती था बंदी ,चल रहा था इलाज।बाथरूम का पहले खिड़की तोड़ा और ………..?