दाखिल -खारिज के नाम पर बहादुरपुर अंचल में लूट खसौट जारी ,सरकारी जमीन को रैयति जमीन बनाने और दाखिल – खारिज करने में राजस्व कर्मचारी को हें महारत हासिल ,जिलाधिकारी का आदेश भी बेअसर।
दाखिल -खारिज के नाम पर बहादुरपुर अंचल में लूट खसौट जारी ,सरकारी जमीन को रैयति जमीन बनाने और दाखिल – खारिज करने में राजस्व कर्मचारी को हें महारत हासिल ,जिलाधिकारी का आदेश भी बेअसर।
दाखिल -खारिज के नाम पर बहादुरपुर अंचल में लूट खसौट जारी ,सरकारी जमीन को रैयति जमीन बनाने और दाखिल-खारिज करने में राजस्व कर्मचारी को हें महारत हासिल ,जिलाधिकारी का आदेश भी बेअसर।
दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा /गुड्डू राज
दाखिल खारिज के नाम पर बहादुरपुर अंचल में बड़े पैमाने पर लूट खसोट जारी हें इस कारण इस प्रखंड के लोंगों को बड़ी परेशानी झेलनी पड़ती हें। इसे लेकर शिवायपट्टी थाना के बनघारा गांव निवासी बबीता कुमारी ने बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री संजय सरावगी को एक पत्र दिया हें जिसमें कहा गया हें कि अंचल के राजस्व कर्मचारी एवं उसके मुंशी के द्वारा दाखिल खारिज के नाम पर नाजायज पैसो की मांग की जा रही हें। पत्र में कहा गया हें कि उनके द्वारा सिमरा मौजे में 25अक्टूबर 24को आवासीय भूमि 25धुर खरीदा गया,उक्त जमीन के बाबत अंचल में दाखिल खारिज करने का आवेदन दिया गया जिसे ऑन लाईन पढ़ने योग्य कागजात अपलोड किया गया जिसे पोर्टल पर देखा जा सकता हें लेकिन कर्मचारी के दलाल /मुंशी द्वारा फोन करके बार बार पैसा मांगा जाने लगा ,और पैसा नहीं देने के कारण लगातार उनके आवेदन को स्कीप किया जाने लगा जबकि इसी खाता खेसरा में जो अन्य लोग जमीन का खरीद किये उनका दाखिल खारिज हो गया। यही नहीं कुछ बाद ऐसे भी हें जिन्होंने जमीन की खरीददारी की उनको परिमार्जन करने की आपत्ति लगाकर अग्रसारित कर दिया इसमें वाद संख्या 3063,3068,3071,3077,3081,3147,3347,3348,3349,3495,3499वर्ष 2024-25हें।
आरोप यह भी हें कि आपके गृह जिला के विधान सभा क्षेत्र के सिमरा नेहालपुर एवं गणोंली के हल्का कर्मचारी अपने स्थान पर नहीं रहते हें इनका फोन खुद भी रिसीव नहीं करते और अधिकतर समय बंद रहता हें।
आरोप यह भी हें कि राजस्व कर्मचारी सुधीर सिंह के विरुद्ध सरकारी भूमि को रैयत के नाम से दाखिल खारिज करने पर जिलाधिकारी द्वारा किये गये जांच में दोषी पाया गया था इसके बावजूद राजस्व कर्मचारी पर ना ही कोई विभागीय कारवाई हुई और ना ही यहां से तबादला किया गया। जिलाधिकारी के पत्रांक 122756दिनांक 1अप्रेल 24के द्वारा राजस्व कर्मचारी समेत कुल 12राजस्व कर्मचारी पर कारवाई की अनुशंसा की गई थी लेकिन राजस्व कर्मचारी जस के तस हें,अब तक कोई कारवाई नहीं हुई , इस कारण राजस्व कर्मचारी मनमानी करने से बाज नहीं आते हें और दाखिल खारिज के नाम पर पैसों की उगाही करते हें।
कर्नाटक के पूर्व डीजीपी ओम प्रकाश की हत्या ,आवास में ही खून से लथपथ था उनका शरीर ,हत्या के पीछे उनके पत्नी का हाथ तों नहीं ,पुलिस कर रही हें पूछताछ।बिहार राज्य के चंपारण के हें मूल निवासी।
सकतपुर थाना क्षेत्र में फौजी के घर हुये लूटपाट और घर को तहस नहस करने के मामले में नगर पुलिस अधीक्षक जांच करने पहुंचे भटोंतर गांव ,सेवानिवृत फौजी को न्याय मिलने की जगी उम्मीद।