कर्नाटक के पूर्व डीजीपी ओम प्रकाश की हत्या ,आवास में ही खून से लथपथ था उनका शरीर ,हत्या के पीछे उनके पत्नी का हाथ तों नहीं ,पुलिस कर रही हें पूछताछ।बिहार राज्य के चंपारण के हें मूल निवासी।

दस्तक 7मीडिया /

कर्नाटक के पूर्व डीजीपी ओम प्रकाश की हत्या हुई हें ,पुलिस को शंका हें कि उनकी हत्या के पीछे पत्नी का हाथ हें। डीजीपी के पत्नी को पुलिस ने हिरासत में लिया हें और पूछताछ कर रही हें। दरअसल  उनके बेंगलुरु स्थित के के एचएसआर लेआउट स्थित आवास में खून से लथपथ उनका शव पुलिस को मिला है.

पुलिस के मुताबिक किसी दुश्मन ने नहीं, बल्कि खुद पूर्व डीजीपी की पत्नी ने इस वारदात को अंजाम दिया है. पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है ।राज्य के 38वे डीजीपी ओम प्रकाश 1981 बैच के आईपीएस अधिकारी थे।आईपीएस ओम प्रकाश मूल रूप से बिहार के चंपारण के रहने वाले थे और बेंगलुरु में अपने परिवार के साथ रहते थे।

पुलिस के मुताबिक इस घटना की जानकारी पुलिस को उनकी पत्नी ने ही दी थी लेकिन वारदात स्थल पर जांचोपरांत पुलिस को शक हुआ कि इस हत्या के पीछे उनकी पत्नी का हाथ तों नहीं हें।इस कारण पूर्व डीजीपी ओम प्रकाश की पत्नी को पुलिस ने  हिरासत में ले लिया हें।

बिहार के चंपारण के रहने वाले पूर्व डीजीपी  अपने करियर की शुरूआत कर्नाटक के बेल्लारी में हरपनहल्ली उप-मंडल के एएसपी के रूप में शुरू किया और कई महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी को निभाया।

 उन्हें राज्य सतर्कता आयोग और कर्नाटक लोकायुक्त के एसपी और चिकमगलुरु, शिवमोग्गा और उत्तर कन्नड़  जिलों में कप्तान के रूप में तैनाती हुई ।1993 में भटकल सांप्रदायिक दंगों को नियंत्रित करने में उनकी भूमिका सराहनीय रही है. बाद में वह डीआईजी (प्रशासन), डीआईजी-उत्तरी क्षेत्र, डीआईजी-प्रशिक्षण और डीआईजी फायर ब्रिगेड के पद पर भी रहे. वहीं आईजीपी के रूप में उन्होंने सीआईडी ​और परिवहन आयुक्त की जिम्मेदारी को बखूबी निभाया।

इस घटना के बाद कर्नाटक पुलिस के सभी आलाधिकारी सकते में हें और तरह तरह की चर्चा कर रहें हें।लाश को पोस्टमार्टम के लिये भेजा गया हें।पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही रहस्यों से पर्दा उठने की उम्मीद हें।