दोनार में अव्यवस्थित बस पड़ाव बना राहगीरों के लिए मुसीबत, प्रशासन बेबस।
दोनार में अव्यवस्थित बस पड़ाव बना राहगीरों के लिए मुसीबत, प्रशासन बेबस।
दोनार में अव्यवस्थित बस पड़ाव बना राहगीरों के लिए मुसीबत, प्रशासन बेबस।
दस्तक7मिडिया, दरभंगा।
जिला प्रशासन द्वारा कुशेश्वरस्थान से चलकर दरभंगा आने और जाने वाली सभी बसों को दोनार में लगाने के आदेश के बाद, दोनार अब एक अव्यवस्थित बस पड़ाव में तब्दील हो गया है।
प्रशासन ने शहर में जाम की समस्या को कम करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया था, लेकिन दोनार में बसों के बेतरतीब ठहराव ने अब राहगीरों और स्थानीय लोगों के लिए एक नई मुसीबत खड़ी कर दी है।
आदेश के बाद से ही कुशेश्वरस्थान और आसपास के क्षेत्रों से आने वाली बसें दोनार रेलवे फाटक के पूरब और पश्चिम दोनों तरफ सड़क के किनारे खड़ी होने लगी हैं। न तो यहां कोई निर्धारित स्थान है और न ही कोई व्यवस्था। बस चालक अपनी मर्जी के मुताबिक कहीं भी बसें रोक देते हैं, जिससे सड़क संकरी हो जाती है और अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है।
सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को होती है, जिन्हें बसों तक पहुंचने के लिए मुश्किल रास्तों से गुजरना पड़ता है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि बसों के बेतरतीब ठहराव के कारण उनकी दुकानों के सामने अक्सर भीड़ जमा रहती है, जिससे उनका व्यापार भी प्रभावित हो रहा है।
बस चालकों की मनमानी भी चरम पर है। वे सवारियों को चढ़ाने और उतारने के लिए कहीं भी अचानक बस रोक देते हैं, जिससे पीछे से आ रहे वाहनों को अचानक ब्रेक लगाना पड़ता है और दुर्घटना का खतरा बना रहता है। कई बार तो वे सड़क के बीच में ही बसें खड़ी करके आपस में बातचीत करते रहते हैं, जिससे यातायात पूरी तरह से बाधित हो जाता है।
स्थानीय लोगों ने कई बार इस अव्यवस्था की शिकायत प्रशासन से की है, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं आया है। ऐसा लगता है कि बस चालकों पर अंकुश लगाने में प्रशासन भी बेबस नजर आ रहा है। दोनार में एक व्यवस्थित बस पड़ाव की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है, लेकिन इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
अब सवाल यह उठता है कि कब प्रशासन इस गंभीर समस्या पर ध्यान देगा और दोनार में बसों के व्यवस्थित पड़ाव के लिए कोई ठोस योजना बनाएगा? यदि जल्द ही इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की जाती है, तो दोनार और आसपास के क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था और भी बदतर हो सकती है और लोगों की परेशानियां बढ़ती रहेंगी।
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