समस्तीपुर जिला के गांवों में चल रहा हें नकली नोटों का कारोबार ,सीएसपी चालक को दिया साढ़े आठ हजार का नोट तों खुल गई पोल ,ग्रामीणों ने मामले को दबा दिया लेकिन हें गंभीर विषय ?
समस्तीपुर जिला के गांवों में चल रहा हें नकली नोटों का कारोबार ,सीएसपी चालक को दिया साढ़े आठ हजार का नोट तों खुल गई पोल ,ग्रामीणों ने मामले को दबा दिया लेकिन हें गंभीर विषय ?
समस्तीपुर जिला के गांवों में चल रहा हें नकली नोटों का कारोबार ,सीएसपी चालक को दिया साढ़े आठ हजार का नोट तों खुल गई पोल ,ग्रामीणों ने मामले को दबा दिया लेकिन हें गंभीर विषय ?
दस्तक 7मीडिया /संजय कुमार राय
समस्तीपुर जिला में जाली नोटों का प्रचलन बढ़ रहा हें ,अगर समय रहते पुलिस -प्रशासन सचेत नहीं हुई तों इसका प्रचलन और भी बढ़ सकता हें।
जी हाँ एक खबर इन दिनों रोसड़ा थाना के भिड़हा गांव से आ रही हें।
सूत्र बताते हें कि सीएसपी चालक को एक ग्रामीण ने कहा कि किसी के खाते पर बीस हजार रुपये भेज दो ,सीएसपी संचालक ने बीस हजार रुपये भेज दिया। देर शाम वह ग्रामीण जब बीस हजार रुपये लेकर सीएसपी चालक को दिया तों उसमें करीब साढ़े आठ हजार के नकली नोट थे।
सीएसपी संचालक ने इसे लेकर उधम मचाना शुरू किया। इसके बाद कई ग्रामीणों ने उस व्यक्ति को बुलाया और पूछा जाली नोट कहाँ से लाए।सूचना मिल रही हें कि कुछ पंचायत प्रतिनिधियों ने इसे लेकर पंचायत की इसके बाद सीएसपी चालक को उस व्यक्ति से साढ़े आठ हजार का असली नोट दिलाया फिर मामला शांत हो हुआ और मामले को रफा दफा कर दिया गया ।सीएसपी चालक ने इस बाबत पुलिस को सूचना नहीं दी।
एक सूत्र ने बताया कि जिस ग्रामीण ने साढ़े आठ हजार रुपये के नकली नोट सीएसपी संचालक को दिया था उसके पास तीन लाख से ऊपर के नकली नोट हें जिसे वह स्थानीय स्तर पर खपा रहा हें।
ऐसे में यह गंभीर मामला बन जाता हें कि उसने इतने नकली नोट आखिर कहाँ से लाया और कहाँ कहाँ खपा रहा हें।बताया जा रहा हें कि भिड़हा गांव के किसी प्रोफेसर साहब का लड़का आशुतोष झा हें जो गांव में ही सीएसपी चला रहा हें।
इस मामले की जांच अगर पुलिस करें तों यह पता चल जाएगा कि सीएसपी चालक को किसने जाली पैसे दिये थे।