बिहार के कैमूर जिले में पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया है। रामपुर प्रखंड के पसाई पंचायत के एकौनी गांव में मनरेगा विभाग ने पीसीसी सड़क बनाने के नाम पर एक दर्जन से अधिक हरे शीशम के पेड़ों को काट दिया।

संजीवनी राम के घर से पानी टंकी तक पीसीसी सड़क का निर्माण किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 4 लाख 74 हजार 801 रुपए है। कार्य स्थल पर न तो कोई एस्टीमेट बोर्ड लगा है और न ही गुणवत्ता का ध्यान रखा जा रहा है। नियम के अनुसार जहां 5-6 इंच मोटी ढलाई होनी चाहिए, वहां केवल डेढ़ से 2 इंच की ढलाई की जा रही है।

जिला कार्यक्रम पदाधिकारी बोले- दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी

मनरेगा विभाग के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी संजय कुमार ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि हरे पेड़ों को काटने की अनुमति नहीं है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि विभाग ने इस बार करीब 3 लाख पौधे लगाए हैं।

यह घटना तब हुई है जब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जल जीवन हरियाली अभियान के तहत अधिक से अधिक पेड़ लगाने पर जोर दे रहे हैं। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी देशवासियों से अपनी मां के नाम पर एक पेड़ लगाने की अपील कर रहे हैं।