भागलपुर में खुद को रेलवे का कर्मचारी बताकर फ्री में सफर करने वाले फर्जी लोको पायलट को आरपीएफ ने गिरफ्तारी किया है.
भागलपुर में फर्जी लोको पायलट गिरफ्तार
भागलपुर:बिहार के भागलपुर रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ ने एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है जो खुद को भारतीय रेलवे का लोको पायलट बताकर लंबे समय से फ्री में सफर कर रहा था. चौंकाने वाली बात यह है कि वह रेल यात्रा के लिए महज कुछ पैसे बचाने के लिए पिछले कई दो साल से फर्जी लोको पायलटबनकर रेलवे को चूना लगा रहा था. सच्चाई जब सामने आई तो अधिकारी भी हैरान रह गए.
भागलपुर में फर्जी लोको पायलट गिरफ्तार: फर्जी लोको पायलट की पहचान जमुई निवासी 26 वर्षीय विकास कुमार यादव के रूप में हुई है. वह धनबाद स्थित आईटीआई कॉलेज में पढ़ाई करता है. रविवार को वह कविगुरु एक्सप्रेस से आसनसोल जा रहा था. चौंकाने वाली बात यह है कि विकास कुमार यादव पिछले दो साल से रेलवे का रिबन लगाकर फ्री में ट्रेन में सफर कर रहा था.
फर्जी लोको पायलट
सफर में बताया था रेलवे स्टॉफ: विकास ने बताया कि फ्री में सफर करने के दौरान वह अपने आपको रेलवे स्टाफ बताता था. रविवार को वह अपने दोस्त के यहां जीरो माइल आया था.मामला तब सामने आया जब कविगुरु के लोको पायलट मो. गयासुद्दीन ने आरपीएफ के सहायक उप निरीक्षक संजीव कुमार सूचना दी कि ट्रेन के एसएलआर बोगी में एक युवक बैठा हुआ है और वह खुद को लोको पायलट बताया है.आरपीएफ मौके पर पहुंचकर फर्जी लोको पायलट को गिरफ्तार कर लिया.
“आरपीएफ गिरफ्तार कर जीआरपी के हवाले कर दिया. संदिग्ध युवक पर जीआरपी थाने में फर्जी लोको पायलट के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया है.”-संजीव कुमार झा, सहायक उप निरीक्षक, आरपीएफ
बाजार से खरीदा था रेलवे का रिबन:पकड़े गए विकास यादव ने बताया कि आईटीआई में पढ़ाई के दौरान हर दिन ट्रेन से कॉलेज जाता था. टिकट मांगने पर वह टीटीआई और आरपीएफ को रेलवे स्टाफ बताकर बच जाता था. विकास ने बताया कि उसके पास जो यूनिफॉर्म है. वह उसके कॉलेज की है. बाजार से रेलवे का रिबन खरीदा था. सफर के दौरान रिबन का इस्तेमाल करता था.
भागलपुर रेलवे स्टेशन पर पकड़ाया फर्जी लोको पायलट
“ट्रेन में जब सफर के दौरान लोको पायलट का ड्रेस पहन कर गले में भारतीय रेल लिखा रिबन लटका कर चलता था. टीटी या जीआरपी पूछता था तो अपने आप को रेल स्टाफ बताता था. कवि गुरु एक्सप्रेस से अपने घर आसनसोल जा रहा था. तभी गार्ड बोगी में आरपीएफ ने गिरफ्तार कर लिया. वह ऐसा 2023 से कर रहा है. जीजा जी और भाई भी रेलवे में अलग-अलग पदों पर कार्यरत है.”- विकास यादव, फर्जी लोको पायलट
पहले भी गिरफ्तार हुआ था फर्जी लोको पायलट: बता दें कि 18 सितंबर 2020 को भी स्टॉफ स्पेशल ट्रेन में सफर कर रहे फर्जी लोको पायलट अमित कुमार सिंह उर्फ जितेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तार फर्जी लोको पायलट अमित कुमार सिंह ने रेल पुलिस को पूछताछ में बताया था कि ट्रेन में लोको पायलट बनकर सफर करता था. सफर के दौरान वह लोको पायलट का ड्रेस नीली शर्ट और ब्लू पैंट भी पहने रखता था.
परिवार के साथ करता था सफर: यात्री ट्रेन में कभी चेकिंग होती थी तो वह खुद को लोको पायलट बताकर बच निकला था.साहिबगंज से भागलपुर और भागलपुर से किऊल तक वह खुद और परिवार के साथ बिना टिकट के ही सफर करता था. यात्री कोच में भीड़ होने के कारण वह गार्ड कोच में भी सफर करता था.अमित के पास से रेल पुलिस ने आधार कार्ड, रेलवे से जुड़ी कागजात बरामद और परिचय पत्र भी बरामद किया था. इसके आधार कार्ड पर पता नाथनगर प्रखंड का था जबकि अमित कुमार सिंह कहलगांव अनुमंडल स्थित कचहरी के भोलसर का रहने वाला था.
फर्जी टीटीई गिरफ्तार:वहीं 7 साल पहले भी यात्रियों से टिकट जांच करने के आरोप में एक नकली टीटीई को गिरफ्तार किया गया था. उसके पास से भी फर्जी परिचय पत्र और रेलवे की कई कागजात बरामद हुई थी.
