फेंकला थाना के चालक सिपाही ने थानाध्यक्ष पर लगाया जाति सूचक शब्द समेत गाली देने का आरोप ,थानाध्यक्ष ने कहा कि सारे आरोप हें बेबुनियाद।जांच के बाद ही सच्चाई से उठेगा पर्दा।
फेंकला थाना के चालक सिपाही ने थानाध्यक्ष पर लगाया जाति सूचक शब्द समेत गाली देने का आरोप ,थानाध्यक्ष ने कहा कि सारे आरोप हें बेबुनियाद।जांच के बाद ही सच्चाई से उठेगा पर्दा।
फेंकला थाना के चालक सिपाही ने थानाध्यक्ष पर लगाया जाति सूचक शब्द समेत गाली देने का आरोप ,थानाध्यक्ष ने कहा कि सारे आरोप हें बेबुनियाद।जांच के बाद ही सच्चाई से उठेगा पर्दा।
दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा /
“उल्टे चोर ,कोतवाल को डांटे “यह कहावत आपने सुना होगा ,यह कहावत इन दिनों चरितार्थ हो रहा हें फेंकला थाना के चालक सिपाही देव कुमार पासवान पर,जिसने फेंकला थाना के थानाध्यक्ष मोती कुमार पर गाली गलौज समेत जाति सूचक शब्द का आरोप लगातें हुये एसएसपी समेत पुलिस मेंस एशोसियेशन को पत्र दे दिया हें।एसएसपी ने जांच का जिम्मा सर्किल इंस्पेक्टर को दिया हें।
यहां बता देना जरूरी हें कि सरकार ने अनुसूचित जाति /अनुसूचित जन जातियों के खिलाफ होनेवाले अत्याचारों और भेदभाव को रोकने के लिये कानून बनाया था , हरिजन अत्याचार को लेकर सरकार ने sc/st थाना तक खोल दिया ताकि पीड़ित और वंचित लोगो को न्याय मिल सके। लेकिन स्थिति ऐसी बन गई हें कि इस समुदाय के ज्यादातर लोग इसका दुरुपयोग करने लगे हें और यही कारण हें कि sc/st थानों में मुकदमों की संख्या बढ़ी हें और अनुसंधान के क्रम में ज्यादातर मामले झूठे पाए जाते हें।
यहां बता दे कि फेंकला थाना के हरिपट्टी गांव के एक घर में ट्रक घुस गया जिसमें एक की मौत हो गई। ग्रामीणों ने इसकी सूचना थानाध्यक्ष को दी। थानाध्यक्ष ने चालक सिपाही को अविलंब तैयार होने को कहा ,चालक सिपाही ने देर कर दी। ग्रामीण बार बार थानाध्यक्ष को फोन कर रहें थे इधर थानाध्यक्ष अपने बल को तैयार कर रहें थे ,इस बीच करीब 20मिनट बीत गया था लेकिन चालक सिपाही नहीं आया ,तीन चार मिनट और बीत गया फिर चालक सिपाही आया ,इस बीच कई ग्रामीणों का फोन लगातार फेंकला थानाध्यक्ष के फोन पर आ रहा था ,चालक सिपाही के आते ही थानाध्यक्ष ने कहा कि आप इतना देरी करेंगे तों थाना कैसे चलेगा ,कितने लोंगों का फोन आ गया ,जल्दी चलिये आपके विरुद्ध एसएसपी से शिकायत करेंगे। बस क्या था चालक सिपाही अपने रंग में आ गये और थानाध्यक्ष के विरुद्ध ही कई आरोप लगाते हुये एसएसपी समेत पुलिस मेंस एशोसियेशन के सदस्यों को पत्र दे दिया।
थाना में तैनात अन्य पुलिस कर्मियों से पूछने पर बताया कि थानाध्यक्ष द्वारा कोई भी गाली गलौज या अपशब्द चालक देव कुमार को नहीं कहा गया हें।
इससे ऐसा प्रतीत हो रहा हें कि चालक सिपाही सरकारी नौकरी में रहते हुये कार्यों के प्रति लापरवाह तों हें ही ,जातियों का भी भेदभाव रखते हें। ऐसे मंशा पालकर रखने वाले लोग अगर पुलिस विभाग में नौकरी करते हें तों आम जनता का भगवान ही मालिक होगा।
इस बाबत थानाध्यक्ष से पूछा गया तों उन्होंने कहा कि ऐसी कोई भी बात थाना केम्पस में नहीं हुई हें ,सीसीटीवी फुटेज तों सत्य बता ही देगा ,यही नहीं थाना के अन्य कर्मी भी यहां मौजूद थे ,कोई भी अप्रिय बात नहीं की गई हें। आरोप लगाने के लिये तों कोई भी कुछ भी लगा सकता हें। उन्होंने कहा कि हाँ इतना जरूर कहा था कि ऐसे ऐसे घटनाओं में पुलिस के नहीं पहुंचने से लोग उग्र हो जाते हें ,आपने देरी की हें और आपके विरुद्ध एसएसपी महोदय को पत्र जरूर देंगे लेकिन हमने ऐसा भी नहीं किया क्यूंकि थाना में तैनात सभी पुलिस कर्मी एक परिवार की तरह हें।अब जांच के बाद ही सच्चाई से पर्दा उठेगा।
यहां बता देना जरूरी हें कि जांच के बाद अगर चालक सिपाही का आरोप सही निकला तों थानाध्यक्ष पर कारवाई हो सकती हें लेकिन चालक सिपाही का आरोप अगर जांच में गलत पाया गया तों चालक सिपाही पर भी कारवाई तय हें।