बिरौल अनुमंडल मुख्यालय का मुख्य सुपौल बाजार जाम की समस्या से कब तक जूझता रहेगा, यह एक बड़ा सवाल है जिसका जवाब फिलहाल आम जनता को मिलता नहीं दिख रहा है।
दस्तक7मिडिया, उत्तम सेनगुप्ता, दरभंगा।
बिरौल अनुमंडल मुख्यालय का मुख्य सुपौल बाजार जाम की समस्या से कब तक जूझता रहेगा। यह एक बड़ा सवाल है,जिसका जवाब फिलहाल आम जनता को मिलता नहीं दिख रहा है। मालूम हो कि वर्षों से इस क्षेत्र के लोग जाम की परेशानी झेल रहे हैं, लेकिन नगर पंचायत बिरौल के जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या के प्रति उदासीन बने हुए हैं। स्थानीय लोगों ने कई बार इस गंभीर मुद्दे से प्रशासन को अवगत कराया है। अंचल प्रशासन के अधिकारी, आदित्य शंकर ने भी इस समस्या को स्वीकार करते हुए स्पष्ट रूप से कहा है कि सुपौल बाजार का यह क्षेत्र (अफजला) नगर पंचायत बिरौल के अधीन आता है, इसलिए जाम की समस्या को दूर करने की जिम्मेदारी उन्हीं की है। उन्होंने यह भी कहा कि यह उनके कार्यक्षेत्र में नहीं आता। इससे स्पष्ट होता है कि नगर पंचायत विभाग के अधिकारी अतिक्रमणकारियों के समक्ष समर्पण कर चुके हैं। बाजार की मुख्य सड़कों पर अतिक्रमण इस कदर बढ़ गया है कि पैदल चलने वालों के लिए भी जगह नहीं बची है, वाहनों का चलना तो और भी मुश्किल हो गया है। खासकर सुबह और शाम के समय, जब बाजार में अधिक भीड़ होती है, स्थिति और भी भयावह हो जाती है। स्कूली बच्चों का वाहन के अलावा बैंक, हॉस्पिटल के काम से जाने वाले लोगों को इस जाम से जूझना पड़ता है। हांलांकि चैंबर ऑफ कॉमर्स के सदस्यों ने प्रशासन के अधिकारी से मिलकर सुपौल बाजार की समस्या से अवगत करा चुके हैं। बाजार के भीतरी भाग के व्यापारियों का कहना है कि जाम के कारण उनका व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। ग्राहक बाजार में आने से कतराते हैं, जिससे उनकी बिक्री कम हो गई है। कई बार लोगों ने नगर पंचायत के कार्यपालक अधिकारी से मिलकर इस समस्या का समाधान निकालने का अनुरोध किया, लेकिन उनकी ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। यह स्थिति दर्शाती है कि नगर पंचायत बिरौल के अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे हैं और आम जनता को जाम की समस्या से जूझने के लिए मजबूर कर रहे हैं। जब तक नगर पंचायत विभाग अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठाता और बाजार को जाम मुक्त कराने के लिए प्रभावी योजना नहीं बनाता, तब तक सुपौल बाजार के लोगों को इस परेशानी से निजात मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। यह देखना होगा कि नगर पंचायत के अधिकारी कब जागते हैं और कब इस गंभीर समस्या का समाधान निकालते हैं। दुसरी ओर अनुमंडल पदाधिकारी उमेश कुमार भारती ने नगर पंचायत बिरौल के कार्यपालक अधिकारी शशि कुमार को इस समस्या को लेकर अवगत कराया हें।
