मोरो थाना क्षेत्र के पटोरी गांव में होलिका दहन/ होली के दिन चली ताबड़तोड़ गोलियां,
दहशत में रह रहे गांव के लोग,
अपराधियों का वर्चस्व इतना कि विरोध करने वालों को उठा लेता दिन दहाड़े,
ग्रामीण कह रहे, थाने के संरक्षण में अपराधियों के हौसले बुलंद,
सवाल यही कि जंगलराज है या सुशासन
दस्तक 7 मीडिया, दरभंगा /संजय कुमार राय
मोरो थाना क्षेत्र के पटोरी गांव होली के दिन गोलियों की आवाज से दहल उठा। अपराधियों ने शुक्रवार तथा शनिवार को 35 से 40 राउंड फायरिंग की। लेकिन पुलिस को भनक तक नहीं लगी! जबकि पटोरी गांव से 4 किलोमीटर पूरब विशनपुर तथा 2 किलोमीटर दूर मोरो थाना है।
ग्रामीणों ने बताया कि यह पूरा इलाका एक कुख्यात अपराधी सह शराब माफिया के चुंगल में फंस गया है। उक्त शराब माफिया को समस्तीपुर पुलिस खोज रही है। उस पर कई मामले विभिन्न थाना में दर्ज है। हत्या जैसे गंभीर आरोप भी है। बताया कि उसके खिलाफ वारंट तक निर्गत है।
सूत्रों का कहना है कि यह चर्चित अपराधकर्मी इस इलाके को अपना शरण स्थली बना लिया है। स्थानीय पुलिस के संरक्षण में आराम से व्यापक पैमाने पर शराब की तस्करी कर रहा है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि मोरो थाना क्षेत्र उक्त अपराधी का शरणस्थली के साथ ही शराब तस्करी का सेफ जोन बना हुआ है। यहां सिर्फ और सिर्फ अपराधियों की गोली बोलती है। पुलिस मूकदर्शक बनकर सिर्फ तमाशा देख रही होती है।
मोरो थाना के गांवों में शराब माफिया की तूती बोलती है। ग्रामीण कहते हैं कि मोरो थाना तों इस शराब तस्कर का शरण स्थली तों हें ही साथ ही आसपास थाने का भी उक्त शराब तस्कर पर वरद -हस्त है। थानों को हर महीना माफिया निर्धारित पैसा पहुंचा देता है और खुलेआम धंधे को अंजाम देता है। समस्तीपुर का वांछित अपराधी होने के बाद भी दरभंगा पुलिस उसे संरक्षण दे रही है।
उसके गुर्गे बुल्लेट जैसी महंगी गाड़ियों पर विचरण कर शराब की डिलेवरी करते हैं। ग्रामीण यह भी बताते हैं कि दो तीन महीने में जब वरीय पदाधिकारियों का दबाव थाना पर पड़ता है तब वही तस्कर कहीं न कहीं शराब छोड़कर पुलिस को खबर कर देता है। पुलिस शराब बरामद कर आलाधिकारी तथा लोगों को मूर्ख बना देती है।
ग्रामीण कहते हैं कि यह शराब माफिया कोई छोटा मोटा सरगना नहीं है। ट्रक से शराब मंगा कर पूरे इलाके में स्थानीय विक्रेताओं को डिलीवरी करता है, और इसकी पूरी खबर स्थानीय पुलिस को रहती है।
ग्रामीणों ने बताया कि होली के दिन शराब माफिया चार चक्का से कहीं जा रहा था। पटोरी में होली खेल रहे कुछ युवकों ने गाड़ी पर गीली मिट्टी फेंक दिया। कुछ समय बाद आकर शराब माफिया ने दो युवकों को पिस्टल दिखाते हुये अपने साथ गाड़ी पर जबरन बैठाया और चला गया।
अगले दिन 10 मोटरसाईकल और कई चार चक्का वाहन पर सवार होकर दर्जनों साथियों के साथ पटोरी गांव पहुंचा और स्व मदन चौधरी के यहां कई राउंड फायर किया। गाली गलौज देते हुये चला गया। ग्रामीण बताते हैं कि इससे भी मन बदमाशों का नहीं भरा तो अगली रात दस बजे आकर उसी दरवाजे पर 35 से 40 राउंड फायरिंग किया। इस घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल हो गया।वहां पड़े पिस्टल के खोखे को कई ग्रामीणों ने उठाया भी हें लेकिन सभी चुप्पी साधकर बैठ गये हें।खोखा देखने से लगता हें कि 7.65बोर का हें।
सूत्र बताते हैं कि मामले को लेकर समस्तीपुर जिले के चखेदर गांव में पंचायत हुई। इसमें पटोरी गांव के भी लोग गए। लोगों से बाउंड भरवाया गया और कहा गया कि इस मामले की शिकायत पुलिस से करोगे तो अंजाम बुरा होगा और जबरन उठाकर ले गये दोनों युवकों को अपराधियों ने छोड़ा।
ग्रामीण डर से इतने भयभीत हैं कि कोई भी खुल कर कुछ बताने से परहेज कर रहे हैं। नाम नहीं छापने की शर्त पर ग्रामीणों ने इस पत्रकार से आप बीती सुनाई।
बता दें कि गोली चली तो पुलिस को जानकारी अवश्य होगी। अगर ग्रामीणों ने आवेदन नहीं दिया, तो पुलिस को खुद के बयान पर प्राथमिकी दर्ज करनी चाहिये थी। लेकिन, ग्रामीण कहते हैं कि मोरो थाना की पुलिस को उक्त अपराधी से मोटी रकम मिलती है। ऐसे में कारवाई कैसे होगी और कौन करेगा।हालांकि इस पूरे प्रकरण से मोरों थाना की पुलिस इनकार कर रही हें।लेकिन ऐसी बात नहीं हें।वरीय पुलिस पदाधिकारी गोपनीय ढंग से इस मामले की जांच निष्पक्ष होकर कराए तों सारे मामले से पर्दा उठ जाएगा।


