साहित्यिकी की बैठक में जुटे विद्वान,मिथिला -मैथिली भाषा को वोट से जोड़ना आवश्यक :जय शंकर झा
साहित्यिकी की बैठक में जुटे विद्वान,मिथिला -मैथिली भाषा को वोट से जोड़ना आवश्यक :जय शंकर झा
साहित्यिकी की बैठक में जुटे विद्वान,मिथिला -मैथिली भाषा को वोट से जोड़ना आवश्यक :जय शंकर झा
दस्तक 7 मीडिया मनीगाछी संवाददाता दरभंगा /
प्रखंड क्षेत्र के भट्टपुरा गाव स्थित प्रो विद्या नाथ मिश्र के आवासीय परिसर में रविवार को साहित्यिकी की 366 वीं बैठक प्रो इन्द्र नाथ झा की अध्यक्षता में हुई ।आयोजित बैठक का संचालन प्रो अजीत मिश्र ने किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अयोध्या नाथ झा, जय शंकर झा,गणपति झा, प्रो अशर्फी कामति, प्रो जगदीश मिश्र, प्रो अदय नाथ झा अशोक,प्रो विद्यानाथ झा,प्रो प्रमोद झा, मेध नाथ झा सहित अन्य विशिष्ट विद्वानों ने भाग लिया। बैठक में उपस्थित लोगों ने कहा कि साहित्यिकी संस्था द्वारा कई वर्षों से मिथिला मैथिली के लिए लगातार काम किया जा रहा है। अब तक इस संस्था के द्वारा 111 पुस्तकों का प्रकाशन भी किया गया है। इस मौके पर जयशंकर झा ने अपने संबोधन में कहा कि वोट से मिथिला मैथिली को जोड़ना आवश्यक है तभी मिथिलांचल का कल्याण हो सकेगा। मिथिला राज की कल्पना को सकार करने का अभी उपयुक्त समय है। हम सभी को इसे समझना होगा।
बैठक में प्रो उदय नाथ झा अशोक ने अपने संबोधन में यह जानकारी दी कि गृह मंत्रालय के द्वारा विभिन्न भाषा सहित मैथिली भाषा को परोक्ष रूप से डाटा का संग्रहण किया जा रहा है। उन्होंने मैथिली को समृद्ध एवं प्राचीन भाषा बताते हुए इसके साहित्य का विस्तार से वर्णन किया। प्रो विद्यानाथ मिश्र के द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।