आदर्श मध्य विद्यालय लहेरियासराय से पढ़कर ही हम बने हें पटना उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति ,

मेहनत और लगन से पढ़ने पर ही आप अपने लक्ष्य को कर सकते हें प्राप्त,मोबाईल और हींन भावना से दूर रहकर मेहनत से करें पढ़ाई  :न्यायमूर्ति अंजनी कुमार शरण।

दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा /विधि संवाददाता

पटना उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सह दरभंगा जिला के निरीक्षी न्यायाधीश अंजनी कुमार शरण और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनोद कुमार तिवारी ने संयुक्त रूप से आदर्श मध्य विद्यालय लहेरियासराय के खेल मैदान ,चहारदीवारी और प्रांगण के सौंदर्यीकरण कार्य का उद्घाटन रविवार को किया । इस अवसर पर आयोजित समारोह का शुभारंभ न्यायमूर्ति श्री शरण और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनोद कुमार तिवारी एवं अन्य न्यायाधीश सहित शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों ने दीप प्रज्वलित करके किया। सर्वप्रथम शिक्षा विभाग की ओर से न्यायमूर्ति शरण समेत सभी मंचासीन न्यायिक पदाधिकारियों को मिथिला के विधिपूर्वक पाग,चादर एवं मोमेंटो प्रदान किया गया। समारोह में मौजूद छात्रों शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि वे भी इस विद्यालय के छात्र थे। उन्होंने आदर्श मध्य विद्यालय के छात्रों से कहा कि वे सभी ईमानदारी से पढ़ाई करें,मोबाइल से दूर रहे ,मन में हीन भावना नहीं पालें और अपने विद्यालय की तुलना किसी अंग्रेजी विद्यालय से नहीं करें।
वे इस विद्यालय में बैठने के लिए अपने घर से बोरा लेकर आते थे और उसपर बैठ कर पढ़ाई करते थे।
वर्तमान सुविधा उस समय उपलब्ध नहीं थी परन्तु छात्र लगन शील हुआ करते थे । इसलिए मैं इसी विद्यालय से पढ़कर आज उच्च न्यायालय पटना का न्यायाधीश हूं ,


तो आप क्यों नहीं बन सकते । सभी छात्र मेहनत और लगन से पढ़ाई करें,सफलता आपके द्वार स्वयं दस्तक देगी,न्यायाधीश के इस कथन पर आदर्श मध्य विद्यालय के छात्रों ने खड़े होकर अपनी मौन सहमति हाथ उठा कर दी।


साथ ही उन्होंने विद्यालय के शिक्षकों से कहा कि वे स्कूली छात्रों के नींव मजबूत करें तब ही छात्रों का भविष्य मजबूत होगा।


न्यायमूर्ति श्री शरण ने मंच पर आसीन क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक दरभंगा से कहा कि इस विद्यायल को 10+2 में उत्क्रमित करने के लिए विद्यालय प्रधानाध्यापक से प्रस्ताव प्राप्त कर विभाग एवं सरकार में भेजे और इसकी एक प्रति उन्हें भी दें।
विद्यालय के शिक्षक मो .शकील अहमद ,मो साजिद हसन,कल्याणी कुमारी,रश्मि प्रिया ,सोनी कुमारी ने
विद्यालय के पांच प्रतिभागी को प्रस्तुत किया जिन्होंने खेल,शिल्प एवं कला , निबंध , हस्त लेखन और चित्रकला प्रथम स्थान प्राप्त किया था । विजेता प्रतिभागी छोटी कुमारी , विकाश कुमार , मशर्रत प्रवीण , मो रेहान अली एवं प्रियंका सिंह अलीशा प्रवीण को न्यायमूर्ति ने पुरस्कृत किया। टी एल एम के लिए 15 शिक्षकों को भी उत्कृष्ट शिक्षण अधिगम सामग्री के निर्माण हेतु पुरस्कृत किया गया ।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनोद कुमार तिवारी ने अपने उद्बोधन में कहा कि माई लॉर्ड के बाल्य काल के पाठशाला में आकर मुझे अपना पाठशाला याद आ गया।मैं भी बोरा लेकर विद्यालय जाता था और उस पर बैठकर पढ़ाई करता था ।उसी पढ़ाई और मेहनत का परिणाम है कि वे इस पद पर हैं।
विद्यालय को आज के समय के अमूर्त से मूर्त की ओर शिक्षण अधिगम सामग्री के माध्यम शिक्षण पद्धति को सराहा ।
उन्होंने विद्यालय की प्रतिष्ठा को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षकों की प्रमुख भूमिका है जिसे यहां के शिक्षक लगन और पूरी निष्ठा के साथ पूरा करें ।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक संजीव कुमार मिश्र ने सभी आगत अतिथियों का स्वागत किया और अपने उद्बोधन में विद्यालय के स्थापन काल से लेकर वर्तमान समय तक के इतिहास पर चर्चा किया और इस विद्यालय को 10+2 में उत्क्रमित करने की आवश्यकता बताई।
मंच संचालन जिला शिक्षा पदाधिकारी कृष्ण नंदन सदा ने किया ।धन्यवाद ज्ञापन आर डी डी सतेंद्र कुमार ने किया।