मुहर्रम के दौरान मब्बी और कमतौल के थानाध्यक्ष पर कारवाई क्यू नहीं ?लापरवाही किसी और की और नप गया सिंहवाड़ा थानाध्यक्ष।
मुहर्रम के दौरान मब्बी और कमतौल के थानाध्यक्ष पर कारवाई क्यू नहीं ?लापरवाही किसी और की और नप गया सिंहवाड़ा थानाध्यक्ष।
सिंहवाड़ा थाना के थानाध्यक्ष मनीष कुमार के निलंबन के बाद स्थानीय लोंगों मे आक्रोश हैं। लोग तरह तरह की बातें करते हैं। स्थानीय लोग कहते हैं कि इस मारपीट के मामले मे थानाध्यक्ष का आखिर दोष क्या हैं।लोंगों का कहना हैं कि झगड़ा एक समुदाय के बीच आपसी विवाद को लेकर था। जिस वक्त मारपीट हुई उस वक्त या बाद मे किसी पक्ष के लोंगों ने पुलिस को सूचना नहीं दिया ,जख्मी पक्ष के लोग थाना को बिना सूचना दिये सीधे डीएमसीएच पहुंच गये जहां चिकित्सकों ने जख्मी को पीएमसीएच रेफर कर दिया और वहां उसकी मौत हो गई ,इस घटना के बाबत तब तक थानाध्यक्ष को किसी ने फोन नहीं किया।यही नहीं पुलिस के आलाधिकारियों ने इस मामले मे बिना थानाध्यक्ष से जानकारी लिये उन्हें निलंबित कर दिया।सूत्रों का कहना हैं कि मारपीट के दौरान किसी ने विडिओ बनाया और वह विडिओ वाईरल हो गया। मुहर्रम के दौरान मब्बी ,कमतौल आदि थानों मे असामाजिक तत्वों ने गदर फैला दिया था और लगातार घटनाएं होने लगी ,इस कारण उक्त विडिओ को देख मुख्यालय गंभीर हो गया और एसएसपी से जानकारी मांगी। बताया जा रहा हैं कि इसी कारण एसएसपी ने सिंहवाड़ा थाना अध्यक्ष को निलंबित कर दिया। कमतौल थाना क्षेत्र के
शौकत अंसारी ने पीएमसीएच मे दिये फर्दब्यान मे कहीं भी इस बात का जिक्र नहीं किया हैं कि उन्होंने या किसी ने थाना को सूचित किया हैं।
शौकत ने फ़र्द्ब्यान मे कहा हैं कि छः बजे संध्या मे पूर्व रंजिश के कारण उनके पिता ठगगन अंसारी पर अचानक तलवार लाठी आदि से लेंस होकर पड़ोसी मारपीट कर जख्मी कर दिया जिसमें मो हसनेंन ,मो चाँद ,मो फूलबाबू ,मो गुलजार ,मो शाहनवाज मो औरंगजेब समेत करीब एक दर्जन लोग थे।इस कारण उनके पिता की मौत पीएमसीएच मे हो गई। इस मामले मे फ़र्द्ब्यान आने के बाद एक अगस्त को सिंहवाड़ा थाना मे मामला 149/23दर्ज किया गया।
लोंगों मे चर्चा हैं अगर मुहर्रम के दौरान लापरवाही को लेकर अगर सिंहवाड़ा थानाध्यक्ष पर यह कारवाई हुई हैं तो यह गलत हैं यह कारवाई मब्बी और कमतौल के थानाध्यक्ष पर होनी चाहिये। लोग स्पष्ट रूप से कह रहें हैं कि दोनों थाना क्षेत्रों मे थानाध्यक्ष की लापरवाही से ही दो समुदायों के बीच घटना घटी अगर दोनों अध्यक्षों का सूचना तंत्र मजबूत होता या फिर रात्रि गश्ती मे पुलिस गश्त कर रही होती तो शायद यह घटना नहीं घटती। स्थानीय लोग कहते हैं कि सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र मे दो समुदाय की झड़प नहीं हुई थी और यह झड़प थानाध्यक्ष के बेहतर प्रदर्शन के कारण नहीं हुई।ऐसे मे थानाध्यक्ष मनीष कुमार का निलंबन कतई सही हैं।
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