अधिवक्ता ब्रज मोहन सिंह का आकस्मिक निधन ,वकालत खाना मे शोक की लहर ,वकीलों ने दीं श्रधांजलि 

दस्तक 7मीडिया दरभंगा, विधि संवाददाता,

 

 

जेपी आन्दोलन से लेकर अधिवक्ताओं के हितों के लिए संघर्षशील रहे दिवानी मामले के मर्मज्ञ अधिवक्ता ब्रजमोहन प्रसाद सिंह अब नहीं रहे।इनका आकस्मिक निधन मंगलवार की देर रात लहेरियासराय केएम टैंक आवास पर हो गई।दिवानी मामले के मर्मज्ञ अधिवक्ता सिंह के निधन की सुचना से दरभंगाजिला के वकील मर्माहत हो उठे।इनके निधन पर दरभंगा वकालतखाना भवन में बुधवार को अधिवक्ता चन्द्र प्रकाश सिन्हा, अधिवक्ता अशोक कुमार सिंह, अधिवक्ता अनिल कुमार सिंह और अधिवक्ता संजीव कुमार कुंवर की संयुक्त अध्यक्षता में शोक सभा आयोजित कर वकीलों ने हर दिल अजीज अधिवक्ता के तैल चित्र पर पुष्प निवेदित कर श्रद्धांजलि दी।अधिवक्ता जीतेंद्र नारायण झा ने कहा कि स्वर्गीय सिंह युवा अधिवक्ता कल्याण समिति के संघर्ष में काफी सक्रिय रहे। अधिवक्ता अरुण कुमार चौधरी ने कहा कि स्व. सिंह एक विज्ञ अधिवक्ता के साथ साथ जेपी सेनानी थे।वे जेपी आन्दोलन के दौरान डीआइआर ऐक्ट एवं मीसा में दरभंगा मंडल कारा में डेढ़ माह काराधीन थे। अधिवक्ता अनिल कुमार सिंह ने कहा कि उनके पिता स्व. गया प्रसाद सिंह एवं दादा स्व. परमेश्वरी प्रसाद सिंह भी नामचीन अधिवक्ता थे। अधिवक्ता चंद्र प्रकाश सिन्हा ने शोकोद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि वे काफी मिलनसार थे।वे बेनीपुर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पद पर रहकर अधिवक्ताओं के लिए काफी कार्य किये। बेनीपुर से बिरौल कोर्ट तक दिवानी मामले में पक्षकारों का पक्ष शालीनता से प्रस्तुत करने के लिए मशहूर थे।अधिवक्ता राम उदित झा ने कहा कि वे अधिवक्ता परिषद के बिहार प्रांत के उपाध्यक्ष रहे। मौके पर अधिवक्ता रामवृक्ष सहनी,हीरानंद मिश्र,कुमार उत्तम,श्याम बिहारी राय,संतोष कुमार सिन्हा, ऋषभ कुमार, अनीता आनंद, किरण कुमारी, अचलेंद्रनाथ झा,अंजनी भगत,मनोज कुमार, पंकज कुमार सिंह ,आलोक कुमार, प्रदीप कुमार, आशुतोष कुमार, राममूर्ति झा,चन्दन कुमार समेत दर्जनों वकीलों ने भाव भीनी श्रद्धांजलि निवेदित किया।