सुपौल के फुलकाहा वितरणी नहर और कटैया माइनर में पानी की कमी से रबी फसल की सिंचाई बाधित हो रही है। हर साल 25 दिसंबर से पानी छोड़ा जाता है, लेकिन इस बार आपूर्ति अपर्याप्त है। किसानों ने बताया कि यह समस्या हर साल बनी रहती है, लेकिन सिंचाई विभाग कोई ठोस कदम नहीं उठाता।
फुलकाहा वितरणी से बैजनाथपुर, बराटपुर, रघुनाथपुर, बसंतपुर और समदा जैसे इलाकों में हजारों एकड़ खेतों की सिंचाई होती है। इन क्षेत्रों की बलुई मिट्टी को अधिक पानी की जरूरत होती है, लेकिन नहरों में पानी नहीं आने से फसल बर्बादी के कगार पर है। किसान अवधेश कुमार, दीपक मेहता, तेजनारायण मेहता, ओमप्रकाश साह और मनोज साह ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए विभाग को कई बार सूचित किया गया, लेकिन कोई ठोस पहल नहीं हुई।
किसानों ने सवाल उठाया कि हर साल नहर की मरम्मत पर लाखों रुपए खर्च होते हैं, फिर भी पानी की समस्या जस की तस बनी रहती है। पानी की कमी के कारण फसल खराब हो रही है और किसान आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। किसानों की मांग है कि नहर में पानी की आपूर्ति सुचारू की जाए, ताकि उनकी फसल बच सके। सिंचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता राजेश कुमार ने कहा कि किसानों की समस्या की जानकारी मिली है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इसका समाधान जल्द किया जाएगा।
