दरभंगा की अदालत ने हत्या के तीन अभियुक्त को माना दोषी ,पांच फरवरी को होगा सजा के बिंदु पर सुनवाई।
दरभंगा की अदालत ने हत्या के तीन अभियुक्त को माना दोषी ,पांच फरवरी को होगा सजा के बिंदु पर सुनवाई।
दरभंगा की अदालत ने हत्या के तीन अभियुक्त को माना दोषी ,पांच फरवरी को होगा सजा के बिंदु पर सुनवाई।
दस्तक 7मीडिया दरभंगा/
विधि संवाददाता,दरभंगा के एस सी एस टी के विशेष न्यायाधीश शैलेंद्र कुमार ने शनिवार को शिव कुमार की हत्या मामलें में तीन हत्या अभियुक्त को भादवि की धारा 302 और 27 शस्त्र अधिनियम में दोषी करार दिया है। सजा के विन्दु पर बहस और निर्णय 5 फरवरी 25 को सूनाई जाएगी। बहादुरपुर थाना कांड संख्या 466/21 से बने एस सी एस टी कांड संख्या 127/21 में विचारण उपरांत सदर थाना के भेलूचक निवासी राम विलास महतो का पुत्र कुन्दन कुमार महतो उर्फ एसपाईडर और गांधीनगर कटरहिया निवासी मनोज कुमार कर्ण का पुत्र अभिषेक कुमार कर्ण उर्फ डीजे एवं बहादुरपुर थाना के दिलावरपुर निवासी उमेश साह का पुत्र राजा साह को दोषी करार दी गई है। विशेष लोक अभियोजक संजीव कुमार कुवंर ने बताया कि 6 सितम्बर 21 की रात्रि करिब 11 बजे कुन्दन ने अपना बकाया रुपया मांगने के लिए बहादुरपुर थाना क्षेत्र के गंज रोड पर जाकर अपने दोनों सहयोगियों के साथ शिवकुमार से रुपया का मांग किया। शिवकुमार ने रुपया नहीं दिया,और अभिषेक कुमार कर्ण उर्फ डीजे ने पिस्टल से चार फायरिंग किया। जिसमें से दो गोली शिवकुमार को लगा। जख्मी शिवकुमार को डीएमसीएच दरभंगा में ईलाज के लिए भर्ती कराया। जख्मी का बयान 7 सितम्बर 21 को हुई। जिस आधार पर बहादुरपुर थाना में कांड दर्ज हुई। अनुसंधानकर्ता ने इस मुकदमा में हत्या और शस्त्र अधिनियम के अतिरिक्त एस सी एस टी एक्ट में आरोप पत्र समर्पित किया। तदनुसार विशेष न्यायाधीश ने मामलें में संज्ञान लिया और आरोप गठन किया। स्पेशल पी पी श्री कुंवर ने अभियोजन पक्ष से 9 साक्षियों कि गवाही कराया। अभियुक्त अभिषेक कुमार उर्फ डीजे घटना के समय से ही काराधीन है।
एसएसपी साहब ,मेरी फरियाद भी सुनिये ,आपके आदेशों का नहीं हो रहा हैं पालन ,आखिर मै मालखाना का प्रभार किसको दूँ ?दर -दर भटक रहा हुं।सवाल यही कि क्या एसएसपी के आदेशों को भी थानेदार उड़ा रहें हैं धज्जिया।
रेलवे से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिये अब नहीं जाना पड़ेगा समस्तीपुर ,लहेरियासराय स्टेशन परिसर मे ही रेलवे कोर्ट का होगा संचालन ,उच्च न्यायालय को भेजा गया प्रस्ताव ,अधिवक्ताओं मे खुशी की लहर।