मोदी सरकार बिहार के साथ सौतेला व्यवहार करना बंद करें और अविलम्ब बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दें :मयंक यादव

ल. ना. मिथिला विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देने की मांग को लेकर मिथिलांचल के छात्रों एकजुट हो:मिथिलेश यादव

दरभंगा  /

बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने,ल.ना. मिथिला विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाने की मांग को लेकर आइसा से जुड़े छात्रों नें दोनार चौक से नाका पांच तक आक्रोशपूर्ण नारेबाजी करते हुए प्रतिवाद मार्च निकाला। मार्च के दौरान छात्रों नें मोदी सरकार बिहार के साथ सौतेला व्यवहार करना बंद करें,बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देना होगा,ल. ना. मिथिला विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय दर्जा दो के उक्त नारे को बुलंद करते हुए नाका पांच पर पहुँचकर मार्च सभा में तब्दील हो गया। सभा का संचालन जयनारायण यादव नें किया। प्रतिवाद सभा को सम्बोधित करते हुए आइसा के जिला सचिव मयंक यादव नें कहा कि बिहार के आम आवाम का प्रमुख मांग रही है की बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिले। इस मांग को लेकर बिहार का सत्ता पक्ष से लेकर पूरा विपक्ष और बिहार की जनता एकजुट होकर अपनी आवाज़ बुलंद कर रही है। इस बार लोगों को उम्मीद थी लेकर की मोदी सरकार नें बिहारवासियों के विश्वासघात किया है। नीतीश कुमार ने लगातार जनता को बरगलाने की कोशिश की। बिहार की जनता का भरोसा और विश्वास रहा कि वह प्रधानमंत्री से मिलकर विशेष रूप से विशेष राज्य का दर्जा लेकर ही छोड़ेंगे। लेकिन आज पैकेज का झुनझुना थमा करके नीतीश कुमार के मंत्री उनके तारीफ के पुल बांध रहे हैं। बिहार में उद्योग धंधे नहीं है। जुट मिल से लेकर चीनी मिलें बंद है। डालमियानगर,सिंदरी,बरौनी तमाम उद्योग बंद हो गए। अभी भी हिंदुस्तान के 11 राज्यों को विशेष राज्य का दर्जा है तो बिहार को क्यों नही मिल सकता। बिहार के करीब दो करोड़ मज़दूर को पलायन करना पड़ता है। पूरे देश में मजदूर की पारिश्रमिक,उसका रेट घटाने का इल्जाम बिहार की जनता और मजदूरों पर लगता है। ऐसे हालात में बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिलना चाहिए। जो संविधान के आर्टिकल के अनुकूल है। लेकिन बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने के बजाये आम बजट में बिहार को ‘स्पेशल पैकेज’ थमा दिया गया। मिथिलांचल के छात्र-युवा मोदी सरकार द्वारा लगातार बिहार के साथ सौतेला व्यवहार किए जाने के खिलाफ बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर संघर्ष तेज करेगा।ल. ना. मिथिला विश्वविद्यालय सम्पूर्ण मिथिलांचल का गौरव है। लम्बे समय से मिथिला विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देने की मांग को लेकर आइसा संघर्ष चलाते रहा है। इसको लेकर स्थानीय सांसद,विधायकों,मंत्रियों को मांग पत्र सौप कर इस को राष्ट्रीय फलक उठाने की मांग करते रहा है। फिर से आइसा सम्पूर्ण मिथिलांचल के आम आवाम के बीच जन अभियान चलाते हुए छात्र -छात्राओं एकजुट करते हुए गोलबंद होने का आह्वान करते है। ताकि मिथिला विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देने की मांग मजबूती से उठाया जा सकें। प्रतिवाद मार्च में मौके पर सुभाष कुमार(कार्यालय प्रभारी),हमाद,जयनारायण,राजीव,परमोद,कृष्ण कुमार,गोलू,राजू समेत सेंकड़ों छात्र मार्च में शामिल हुयें।