थानाध्यक्ष पर  मारपीट का आरोप लगाने वाले दलित युवक डीएमसीएच के सर्जरी विभाग से बोरा बिस्तर लेकर हो गया गायब ?एक लाख रुपये में हो गई डील 

दरभंगा /

दलित के साथ हुई मारपीट के मामले में नया मोड़ आ गया हैं।पीड़ित युवक बोरा -विस्तर बांधकर डीएमसीएच के सर्जरी विभाग से गायब हो गया । सूत्रों का कहना हैं कि इस मारपीट मामले की डील एक लाख रुपये देकर हो गई हैं ।थानाध्यक्ष दीपक कुमार ने कहा कि उनके द्वारा कोई डील नहीं की गई हैं ,उन्होंने कहा कि इस मामले भी उन्हें कोई जानकारी नहीं हैं कि कौन अस्पताल में भर्ती हुआ और कब वह अस्पताल छोड़कर भाग गया।उन्होंने कहा कि इस बाबत एक माननीय से भी बात हुई थी लेकिन उन्हें भी मेरे द्वारा स्पष्ट जवाब दिया गया था कि इस मामले में उनके द्वारा कोई मारपीट नहीं की गई हैं और ना ही पीड़ित पक्ष को उनके द्वारा कोई पैसा दिया गया हैं।थानाध्यक्ष ने कहा कि पुलिस द्वारा किसी तरह पिटाई होती और उसके आंख में चोट लगता तो सर्जरी विभाग में उसे चिकित्सकों ने क्यू भर्ती किया ?

वहीं दूसरी और पीड़ित के एक संबंधी ने कहा कि पीड़ित  को  पैसा मिलतें ही  वह डीएमसीएच से बोरा बिस्तर बांधकर वहां से चल दिया। दरअसल थानाध्यक्ष दीपक कुमार पर मब्बी थाना क्षेत्र के हरपुर गांव निवासी मिथुन कुमार और पंकज कुमार ने मारपीट  का आरोप लगाया था। इस मामले में थानाध्यक्ष ने कहा था कि उनके द्वारा मारपीट नहीं की गई थी हाँ उन्होंने कहा था कि किसी सिपाही ने मारपीट कर दिया होगा। इस मामले को दस्तक 7ने प्रमुखता से खबर छापी , इस खबर के छपते ही जिला के पुलिस कप्तान ने भी इसकी जांच सदर एसडीपीओ को दे दी। लेकिन सदर एसडीपीओ जांच के बाबत कही गये ही नहीं ?
सूत्रों का कहना हैं कि इस पूरे मामले को रफा -दफा करने में एक माननीय की भूमिका अहम रही।सूत्रों का कहना हैं कि थानाध्यक्ष के आग्रह पर माननीय ने  पीड़ित पक्ष पर समझौता करने का दबाव डाला और मामला रफा दफा हो गया। बताया जा रहा हैं कि मिथुन को इलाज और खर्चे के नाम पर एक लाख रुपये देकर मेनेज कर दिया गया और वह डीएमसीएच के सर्जरी विभाग से अपने घर चला गया।

जरा इस विडिओ में पीड़ित का बयांना सुनिये ?कम से कम इलाज कराने का पैसा तो मिला ?