केंद्रीय बजट में शिक्षा को सस्ता करने के बजाय ऋण पर शिक्षा का प्रावधान दुखद(आइसा), सस्ता शिक्षा सबको देने की गारंटी करे केंद्र सरकार: प्रिंस
केंद्रीय बजट में शिक्षा को सस्ता करने के बजाय ऋण पर शिक्षा का प्रावधान दुखद(आइसा), सस्ता शिक्षा सबको देने की गारंटी करे केंद्र सरकार: प्रिंस
केंद्रीय बजट में शिक्षा को सस्ता करने के बजाय ऋण पर शिक्षा का प्रावधान दुखद(आइसा),
सस्ता शिक्षा सबको देने की गारंटी करे केंद्र सरकार: प्रिंस
दरभंगा :
आइसा नेता प्रिंस राज ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शिक्षा बजट में बढ़ोतरी न होना बहुत ही दुखद है। आज जरूरत हैं की पूरे देश के बजट का दसवां हिस्सा शिक्षा पर खर्च होना चाहिए। लेकिन केंद्र की मोदी सरकार शिक्षा को निजीकरण व बाजारीकरण करने में लगी हुई है। नई शिक्षा नीति 2020 दलित गरीबों को शिक्षा से वंचित करने की एक बड़ी साजिश है। उन्होंने कहा की आज शिक्षा महंगी होने के कारण पुन दलित गरीब शिक्षा से वंचित हो रहे है। पूरे देश में समान स्कूल शिक्षा प्रणाली लागू होना चाहिएं। श्री राज ने कहा की उच्च शिक्षा के लिए ऋण देने के बदले सरकार को बजट में सस्ता शिक्षा और अच्छा शिक्षा की बात करनी चाहिए। लेकिन केंद्र सरकार की चाहत है कि गरीब तबके के छात्र को शिक्षा से वंचित कैसे किया जाय इसी को लेकर लगातार शिक्षा का निजीकरण और बाजारीकरण कर रही है। उन्होंने सरकार से मांग किया की बिहार सबसे पिछड़ा राज्य की गिनती में आता है और शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा हुआ है। इसीलिए शिक्षा के क्षेत्र मे केंद्र सरकार को विशेष पैकेज देने की जरूरत है।