बैठक में स्वच्छता पर्यवेक्षकों / कर्मियों को बीडीओ ने दिए निर्देश

मनीगाछी / दरभंगा :

मनीगाछी प्रखंड मुख्यालय स्थित सभागार भवन में बीडीओ दुनिया लाल यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को लोहिया स्वच्छता अभियान 2 के तहत चयनित स्वच्छता पर्यवेक्षकों एवं स्वच्छताग्रहियों के साथ हुई बैठक में कचरा उठाव तथा ठोस तरल अवशिष्ट प्रबंधन के कार्यों की समीक्षा में कतिपय आवश्यक निर्देश दिए गए। बीडीओ ने सभी स्वच्छता पर्यवेक्षकों को अपनी अपनी पंचायत में कार्य कर रहे स्वच्छता कर्मियों की प्रतिदिन हाजिरी बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी उपभोक्ताओं से राशि संग्रह करने के लिए संपर्क करने तथा वसूली गई राशि को खाते में जमा करने का निर्देश देते हुए गांव के प्रत्येक टोला में जाकर लोगों को स्वच्छता एवं साफ सफाई को लेकर बैठक कर उसे जाग्रति करने की सलाह दी।बी डी ओ ने सभी स्वच्छता पर्यवेक्षकों को यह भी निर्देश दिया गया कि गंदगी व दूषित वातावरण को दूर करने के लिए लोगों को सतत ज्ञानवर्धन करने का निर्देश दिया ताकि लोग स्वच्छ वातावरण में रहकर नीरोग रह सकें। उन्होंने पर्यवेक्षकों को प्रत्येक सप्ताह स्वच्छता कर्मियों के साथ बैठक कर नित्य किए गए कार्यों का फोटो शेयर करने का भी निर्देश दिया। इस मौके पर स्वच्छता पर्यवेक्षक गौरव कुमार, आशीष कुमार लाल, मो शमशाद, मो रहमतुल्ला, शशिकला कुमारी, संजीत कुमार राम सहित अन्य स्वच्छता पर्यवेक्षक मौजूद थे। ज्ञातव्य हो कि वर्ष 2021 में आरंभ लोहिया स्वच्छता अभियान टू प्रखंड में कूर्म गति से चल रही है। सरकार की ओर से पंचायतों को खाद्य प्रसंस्करण इकाई बनाने सहित अन्य आवश्यक उपकरण के लिए दो साल पहले ही राशि उपलब्ध करा दी गई है।दो वर्ष पूर्व राशि उपलब्ध कराए जाने के बाद भी प्रखंड की राघोपुर दक्षिणी, राघोपुर पश्चिमी, उजान, राघोपुर उत्तरी, नेहरा पश्चिमी, जतुका पैकटोल, जगदीशपुर सहित कुल आठ पंचायतों में अबतक खाद्य प्रसंस्करण इकाई का निर्माण भी नहीं हुआ है। सरकार की इस योजना में अपशिष्ट पदार्थों से पंचायत स्तर पर खाद बनाने की ‌योजना भी है जो अभी कोसों दूर है। एक भी पंचायत में कचरा से खाद नहीं बनाया जा रहा है। स्वच्छता पर्यवेक्षकों द्वारा बैठक में प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार स्वच्छता अभियान 2 की स्थिति ऐसी है कि ब्रह्मपुर, राजे, नेहरा पूर्वी, ब्रह्मपुरा भट्टपुरा, कटमा बहुअरवा, जतुका पैकटोल, पैठान कबई, जगदीशपुर पंचायत सहित कई अन्य पंचायतों में स्वच्छता पर्यवेक्षक एवं स्वच्छता कर्मियों का चयन तक भी नहीं किया जा सका है।