प्रखंड के अधिकांश गांवों में गहराया जल संकट,पेयजल की समस्या से लोग हुए परेशान

मनीगाछी / दरभंगा :

प्रखंड क्षेत्र के बेहटा ,नेहरा ,नारायणपुर जगदीशपुर सहित अन्य गाँवों में जल संकट से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। इन गांवों में जलस्तर नीचे चले जाने से गांव में चापाकलों से पानी निकलना बंद हो गया है। पिछले सप्ताह से उत्पन्न इस गंभीर समस्या से एक ओर जहां पीने के पानी की किल्लत हो गई है वहीं दैनिक कार्यों के लिए भी लोगों को मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार को ब्रह्मपुर पंचायत के बेहटा गांव के दर्जन भर से अधिक लोगों ने इस समस्या के निदान के लिए बी डी ओ को ज्ञापन देकर इस मुसीबत से निजात दिलाने की गुहार लगाई है। ज्ञात हो कि जलस्तर नीचे जाने से उत्पन्न हो रहे जल संकट के समाधान के लिए राज्य सरकार ने सभी पंचायतों में शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए हर घर नल का जल योजना लागू कर सभी परिवारों को इसकी सुविधा देने की योजना बनाई। स्थानीय प्रखंड की सभी 22 पंचायतों में इस योजना में 64 करोड़ से अधिक की राशि खर्च की गई। इन योजनाओं को अमल में लाने एवं इसकी देखरेख तथा विधिवत संचालन की कार्ययोजना को लागू कर सभी पंचायतों के वार्ड सदस्यों को इसका दायित्व सौंपा गया। समय समय पर हुई इसकी जांच रिपोर्ट के अनुसार यह योजना महज 80% ही सफल हो सकी। फिर भी लोगों को राहत मिली। सरकार के अधिकारियों द्वारा जांच के दौरान वार्ड सदस्यों एवं वार्ड क्रियान्वयन समिति की असफलताओं की रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए सरकार ने गत एक वर्ष पूर्व इसके संचालन की जिम्मेदारी पी एच ई डी विभाग को सौंप दी। वार्ड क्रियान्वयन समिति एवं पी एच ई डी विभाग के बीच हस्तांतरण की कानूनी प्रक्रिया के बीच उलझन से प्रखंड के करीब नब्बे प्रतिशत गांवों में पेयजलापूर्ति बंद जैसी स्थिति में पहुंच गई है।

यहां यह ज्ञातव्य है कि स्थानीय प्रखंड की नेहरा,बलौर,राजे एवं बघांत पंचायतों के 35 से अधिक वार्ड पूर्व से ही पी एच ई डी के अधीन हैं। इस विभाग की उदासीन कार्य पद्धति से इन पंचायतों में पूर्व में भी जलापूर्ति प्रभावित रही है।इस संबंध में बी डी ओ दुनियां लाल यादव ने बताया कि पेयजल के संकट के संबंध में लोगों की मिली शिकायत दूर करने के लिए पी एच ई डी विभाग को पत्र लिखा गया है। शीघ्र ही इस समस्या का निदान किया जाएगा।