शराब के साथ जब्त नमक के मामले में लीपापोती करने में जुट गये हैं मद्य निषेध के आलाधिकारी ?लेकिन यह भी मानते हैं कि कुछ तो लापरवाही हुई हैं।मद्य निषेध बिहार पटना के संयुक् आयुक्त ने कहा कि इस मामले में करायी जाएगी जांच ?
दरभंगा संजय कुमार राय
मद्य निषेध विभाग के अधिकारी जब्त नमक के मामले में लीपा पोती करने का भरसक प्रयास कर लें लेकिन इस मामले में जांच होना तय माना जा रहा हैं।मद्य निषेध विभाग के संयुक्त आयुक्त बिहार पटना ने इस मामले में जांच के संकेत दिये हैं ?
यहां बता दे कि दरभंगा स्थित मद्य निषेध विभाग के अधिकारियों ने जब्त नमक के मामले में लीपापोती शुरू कर दी हैं ,इस मामले में दरभंगा जिला के मद्य निषेध के सहायक आयुक्त प्रदीप कुमार कहते हैं कि कुछ तो लापरवाही तो हुई हैं लेकिन उतना भी नहीं।
अगर सहायक आयुक्त लापरवाही मानते हैं तो उनके द्वारा कारवाई क्यू नहीं हुई ?सबसे बड़ा सवाल हैं।उन्होंने कहा कि इस मामले में स्पष्टीकरण पूछा गया हैं।
जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि किन कर्मियों /पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण पूछा गया हैं तो उन्होंने बताने से इंकार किया लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि अपने उच्चस्थ पदाधिकारियों को इस बाबत सूचना दे दी गई थी अगर उनके द्वारा जांच की जाती हैं तो इस मामले में हम कुछ नहीं कह सकते।
मद्य निषेध विभाग के सहायक आयुक्त प्रदीप कुमार से पत्रकारों ने सवाल किया कि जब 12चक्का ट्रक के ट्रक पर नमक के साथ शराब बरामद हुई तो इस मामले में जो प्राथमिकी दर्ज की गई उस प्राथमिकी में नमक के बरामदगी की चर्चा क्यू नहीं की गई ,प्राथमिकी में यह क्यू नहीं दर्शाया गया कि पांच सौ या हज़ार बोरा उस ट्रक से जब्त किया। नमक के बोरे की संख्या दर्शानी चाहिये था जो नहीं दर्शाया गया हैं।
इस सवाल के जवाब में सहायक आयुक्त प्रदीप का कहना हैं कि भूल हो गई हैं लेकिन उसमें खराब नमक की चर्चा हैं जिसके आगे 230बोरा लिखना था।
पत्रकारों का सवाल था कि 12चक्के के बरामद ट्रक से पिकअप और स्कार्पियो पर नमक क्यू लादा गया ?इस मामले में कहा कि रखने की जगह नहीं थी इसीलिये ट्रक से पीक अप पर लादा गया था ?और पीक अप को वहां से जिस जगह नमक रखते वहां लें जाते।कई ऐसे सवाल था जिसका जवाब उन्होंने अपने तरीके से पत्रकारों को दिया। लेकिन यह भी कहा कि लापरवाही तो कुछ हुई हैं।
पत्रकारों का प्रश्न था कि वहां कई लोग नमक के बोरे को लेकर भाग गया इस बात पर उन्होंने कहा कि लोग खाना खाने चले गये थे बस इतनी सी लापरवाही हैं।
दरअसल इस मामले को लीपापोती करने के लिये सभी एक सुर से जवाब दे रहें थे।
अब यहां यही प्रश्न हैं कि अगर 12चक्के के ट्रक पर नमक लदा था तो स्कार्पियो या पीक अप पर नमक को लादने की क्या जरूरत थी।
जानकार बताते हैं कि 12चक्के के ट्रक पर कम से कम 1800 नमक का बोरा आराम से लादा जाता हैं। ट्रक के आगे हिस्से से 37सौ लीटर शराब के बक्से थे फिर भी 14सौ 15सौ बोरा नमक का ट्रक पर होना चाहिये लेकिन सहायक आयुक्त का कहना हैं कि 230नमक के बोरे की बरामदगी हैं।
सूत्रों की माने तो लगातार दस्तक 7में खबर छपने के बाद सारे कर्मी /पदाधिकारी सकते में थे ?इस कारण नमक के बोरे की गिनती प्राथमिकी दर्ज करने के तीन चार दिन बाद यानि सोमवार को हुई हैं और ऑफिस स्थित हाजत के बगल में उसे रखा गया हैं।और उसे काले पोलोथिन से ढक दिया गया हैं।
अगर नमक लदे 12चक्का ट्रक में शराब उतारने के बाद नमक के बोरे की गिनती की जाती तो शायद यह बोरा 14सौ से 15सौ बोरा होता ?लेकिन सहायक आयुक्त ने जब कहा कि बस 230बोरा नमक हैं तो पत्रकारों के होश उड़ गये क्यूंकि पत्रकारों ने ही मद्य निषेध विभाग के इस खेल को करते हुये पकड़ा था।उस दिन जिन पत्रकारों ने पीक अप और स्कार्पियो पर लदे नमक को रोका था ,ऐसे पत्रकारों का कहना हैं उस दिन एक पीक -अप नमक को मद्य निषेध विभाग के कर्मियों ने कहीं बेच दिया था यह दूसरा खेप था।स्थानीय कई लोग भी इस बात को लेकर हामी भरते हुये कहते हैं कि यहां से गड़बड़ी हुई थी।



