बिहार के लिये जन सुराज के संस्थापक अद्वितीय पुरुष ,जो कहते हैं वो करते हैं।
दरभंगा /
जन सुराज विचार मंच की बैठक लहेरियासराय स्थित बंगाली टोला में संजय राय के आवास पर संपन्न हुई। बैठक के दौरान कई दर्जन लोग उपस्थित थे। इस दौरान जन सुराज अभियान के संस्थापक प्रशांत किशोर के विचारों से सहमति जताते हुये बुद्धिजीवियों ने अपनी अपनी बातों को रखा।
जनसुराज के दरभंगा विचार मंच के प्रभारी संजय राय की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान कमलेश उपाध्याय ने कहा कि प्रशांत किशोर अद्वितीय पुरुष हैं ,इनकी सोच का कोई दूसरा विकल्प नहीं हैं। उन्होंने कहा कि श्री प्रशांत किशोर को लोग दूसरे नजर से देख रहें हैं।
केदार साह ने कहा कि प्रशांत किशोर जी बड़े रणनीतिकार हैं। उन्होंने कहा कि हर दल के किये कार्यों के नब्ज से अवगत हैं। बिहार के विकास के लिये उनकी जो सोच हैं शायद किसी पार्टी के बड़े बड़े नेताओं को नहीं हैं ,बिहार के विकास में जो उनकी भागीदारी होगी शायद अब यह नजरिया किसी के पास नहीं हैं।
आशीष झा ने कहा कि बिहार जैसे पिछड़े राज्यों को विकसित करना हम सभी की जिम्मेदारी हैं जिसमें नायक के तौर पर प्रशांत जी बिहार के सभी मुद्दों को लेकर आगे बढ़ रहें हैं जिस कारण आम जनता को एक उम्मीद जगी हैं।
विजय यादव ने कहा कि बिहार में पहले अपराध चरम पर था अब भ्रष्टाचार चरम पर हैं।
प्रदीप गुप्ता ने कहा कि भ्रष्टाचार तो अहम मुद्दा हैं ही ,लेकिन जब तक शिक्षा के स्तर में सुधार नहीं होगा तब तक किसी राज्य का समुचित विकास नहीं होगा।
विपुल सिंह ने कहा कि प्रशासनिक /पुलिस व्यवस्था में काफी सुधार करने की जरूरत हैं। उन्होंने अपना अनुभव बताते हुये कहा कि बिहार का विकास तब संभव हैं जब मूलभूत समस्याओं का समाधान होगा। उन्होंने कहा कि कई सेवानिवृत पुलिस अधिकारी /प्रशासनिक अधिकारी प्रशांत किशोर जी के टीम में हैं ,लोंगों की समस्याओ से सभी लोग अवगत हैं। इन्हीं समस्याओं को दूर करने से बिहार का विकास होगा।इस दौरान कई लोंगों ने अपने अपने तरीके विचार रखा और सुझाव दिया।भारती रंजन कुमारी ने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से जन सुराज सुप्रीमो की बातों को लगातार सुनते आयें हैं वे जो भी बात करते हैं वह जमीनी बातें हैं।अगर बिहार के बुद्धिजीवी इतना भी नहीं समझ पाये तो फिर कोई दूसरा प्रशांत किशोर नहीं बन पाएगा।
