घनश्यामपुर के बंगराहटा गांव में इमजमामुल हक के हत्या के मामले में पुलिस ने शुरू किया जांच, कुछ लोगों से की जा रही है पूछताछ,मृतक के पिता ने दर्ज कराया हत्या का एफआईआर। पीड़ित परिवार को एसडीपीओ बिरौल पर है पुरा भरोसा, मिलेगा न्याय।

घनश्यामपुर/दरभंगा

16 जुलाई 2024 दिन मंगलवार घनश्यामपुर थाना क्षेत्र के कसरोर करकौली पंचायत के लिए अमंगल का दिन रहा। इस पंचायत में दो हत्या की घटना घटीत हुई है। अगर देखा जाय तो दोनों हत्या की घटना को मृतक के विश्वसनीय लोगों ने ही अंजाम दिया है। यहां हम बात कर रहे हैं बंगराहटा गांव की। जहांं मृतक इमजमामुल के परिजनों ने बताया कि 14 जुलाई 2024 के रात्री में मुहर्रम के अवसर पर बंगराहटा गांव के चौराहे पर रात्री में नुमाइशी खेल हो रहा था। इसी दौरान दोस्तों में मो.जाविर और असदुल्लाह अंसारी घुमने की बात कह कर इमजमामुल उर्फ पिटू को उसे घर से बुला कर ले गया। कुछ देर बाद यह सूचना मिलती है कि इमजमामुल को बाइक वाले ने बिरौल-बंगराहटा मुख्य मार्ग पर ठोकर मार दिया है। परिवार वालों ने जख्मी हालत में उसे उठाकर सीएचसी बिरौल में भर्ती कराया।चिकित्सक ने गंभीर स्थिति देख उसे डीएमसीएच रेफर कर दिया। लेकिन परिवार वालों ने जख्मी को दरभंगा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। पीड़ित परिवार के लोगों ने बताया कि चिकित्सक ने जख्मी का जख्म देखने के बाद बताया कि यह सड़क दुर्घटना नहीं बल्कि हत्या करने का प्रयास किया गया है। चूंकि हत्यारों ने इसके जुबान को ही काट दिया है।

इसी बीच इमजमामुल का दो दिन बाद यानी 16 जुलाई को इलाज के दौरान मौत हो गई।मृतक के पिता मो.सिकंदर के द्वारा दिये गए आवेदन पर घनश्यामपुर थाना में हत्या का कांड 222/24 दर्ज कर लिया गया है। जिसमें मो.जाविर, मो.चांद, मो.असदुल्लाह तथा मो.चांद अंसारी को नामजद किया गया है। पीड़ित परिवार के लोगों ने बताया कि इस मामले में पुलिस कुछ लोगों से पूछताछ किया है। इन्हें एसडीपीओ मनीष चन्द्र चौधरी पर पुरा भरोसा है। कहा मेरे पुत्र के हत्यारों को अवश्य सजा मिलेगी और पीड़ित परिवार को न्याय।पुलिस के अनुसार मामले की जांच की जा रही है।