छोटे छोटे विवादों के समाधान में राष्ट्रीय लोक अदालत वरदान ,विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष ने कहा कि समझौता समय की मांग ,लोक अदालत में 425मामलों का हुआ समझौता।

दरभंगा/विधि संवाददाता

राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन सिविल कोर्ट दरभंगा के प्रांगण में शनिवार को करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार का अध्यक्ष बिनोद कुमार तिवारी ने कहा कि समझौता समय की मांग है।इसके माध्यम से निष्पादित मामलों के पक्षकारों के बीच मन की कटुता मिट जाती है।राष्ट्रीय स्तर पर छोटे -छोटे बिबादों के समाधान के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत वरदान है।वहीं वित्तीय ऋण से मुक्ति का सहज और सुलभ अवसर प्रदान करता है।आंकड़े साक्षी हैं कि लोक अदालत के आयोजन का समाज को सकारात्मक परिणाम मिल रहा है।जरुरत इस बात की है कि लोग इसका लाभ उठावें और शांति का मार्ग अपनाए।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक जग्गूनाथ जला रेड्डी ने कहा कि लोक अदालत में निःशुल्क और ऑन स्पॉट न्याय लोगों को मिलती है आवश्यकता इस बात की है कि यहां के लोग इसका लाभ उठावें।विकास के लिए समझौता जरुरी है।बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रविशंकर प्रसाद ने कहा कि वित्तीय संस्थाओं के लिए लोक अदालत जहां वरदान बन गया है ।वहीं क्षेत्र के लोगों को भी ऋण अदायगी के लिए सरल उपाय और कानूनी संरक्षण मिल रही है। लोक अदालत आपसी बिबादों के स्थाई समाधान का सर्वोत्तम साधन है।इसके माध्यम से निष्पादित मामलों की कहीं अपील नही होती है।लोक अदालत का उद्घाटन दीप प्रज्वलित कर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनोद कुमार तिवारी,एडीजे रविशंकर कुमार,सुमन कुमार दिवाकर,प्रोतिमा परिहार, उपेंद्र कुमार,आदिदेव,एसीजेएम करुणानिधि प्रसाद आर्य,एस एस पी जग्गूनाथ जला रेड्डी,बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रविशंकर प्रसाद,महासचिव कृष्णकुमार मिश्रा, प्राधिकार के सचिव रंजन देव ने संयुक्त रुप से किया।संचालन अधिवक्ता माधव लाभ और धन्यवाद ज्ञापन विष्णुकांत चौधरी ने किया।मौके पर
कूल 13 खंडपीठ।
वादों के निष्पादन को लेकर अलग-अलग किस्म के मामलों के लिए न्यायिक पदाधिकारियों की अध्यक्षता में कूल 13 खंडपीठों का गठन किया गया। जिसमें खंडपीठ सं.5 के पीठासीन पदाधिकारी करुणानिधि प्रसाद आर्य की खंडपीठ ने सर्वाधिक 56 आपराधिक तथा बैंक ऋण के 36 मामलों का निष्पादित किया।

निष्पादन

लोक अदालत में कूल 466सुलह योग्य आपराधिक मामले आये जिनमेंं समझौता के आधार 425 मामलों का समझौता के आधार पर निष्पादन किया गया।वहीं 2892 विवादपूर्व मामलों में2888 मामले निष्पादित किये गये।इसके अतिरिक्त बिभिन्न बैंकों के बैंक ऋण,टेलीफोन, बिजली,कलेम,उत्पाद,चालान आदि से संबंधित मामलों में 5 करोड़,91 लाख,42 हजार 964 रुपये का सेटलमेंट किया गया।