चौकीदार की गलती से फेंकला थाना क्षेत्र में हुआ बवाल ,पुलिस की सूझ-बूझ से मामला टला,ग्रामीणों की नजर -कहीं पे निगाहें ,कहीं पर निशाना ?
दरभंगा /
एक कहावत आपने सुना होगा ,कहीं पे निगाहें और कहीं पर निशाना ?इन दिनों दरभंगा जिला में कुछ ऐसा ही खेल हो रहा हैं।कई आम और खास लोंग खुद गलत काम करते हैं और मामला फंसता देख पुलिस को निशाना बना देते हैं। ऐसे शातिर लोग भीड़ और मजमा लगाकर पुलिस पड़ दबाव बना देते है?जब्कि ऐसा करना कानून संगत नहीं हैं।
लहेरियासराय थाना के बाद अब एक मामला फेकला थाना क्षेत्र से सामने आया हैं। यहां के ग्रामीणों ने खुद गलती की और उसका ठीकरा फेंकला पुलिस पर फोड़ने का प्रयास कर दिया हैं।
दरअसल यहां का मामला राजनीति से जुड़ा हुआ हैं। लोकसभा चुनाव में दो जातियों की राजनीति यहां सर चढ़कर बोल रहा हैं। एक जाती के कुछ लोग चोरी छिपे चुलाइ शराब बनाते हैं और दबंगई के साथ बेचते हैं जिसका विरोध दूसरे जाती के लोग कर रहें हैं। यहां दूसरा मामला यह भी हैं कि झोला छाप चिकित्सक के लापरवाही से चार दिन पहले एक आदमी की मौत हुई हैं। इस मौत के मामले में ग्रामीण पंचों ने मामले को रफा दफा कर दिया ,मामले को रफा -दफा करने में एक लाख में समझौता होने की बात चर्चा में हैं। यह लेन देंन नहीं होने के कारण एक पक्षों ने तूल दिया और शराब बना रहें लोंगों को पकड़कर हाय तौबा मचाना शुरू किया ,इसी दौरान फेंकला पुलिस को सूचना मिली ,फेंकला पुलिस जब पहुंची तो वहां का नजारा ही कुछ और था। फेंकला पुलिस ने इस नजारे को देख वरीय पुलिस पदाधिकारियों को सूचित किया ,एक दो थाने की पुलिस पहुंची और बड़ी मशक्कत के बाद चुलाइ शराब को बरामद की।
इस पूरे मामले में मजेदार पहलू यह हैं कि उस गांव के चौकीदार ने इतना सब होने के बाद थाना पुलिस को सूचना नहीं दी।बताया जा रहा हैं कि जब एक आदमी बीमार पड़ा और झोला छाप चिकित्सक ने उसका इलाज किया। झोला छाप चिकित्सक ने एक सुई दिया तो मरीज को होश आया लेकिन जब दूसरा सुई दिया तो वह बेहोश हो गया और दम तोड़ दिया। इस मामले में भी चौकीदार ने पुलिस को सूचना नहीं दिया जब्कि गांव के पंचायत प्रतिनिधियों ने इस मामले को रफा दफा कर दिया। इसी मामले को लेकर ग्रामीणों ने दूसरा तरीका अपनाया और एक पक्ष के लोंगों ने शराब बरामद कर पुलिस को सूचना दिया और पुलिस ने कारवाई की। यह पूरा प्रकरण राजनीति से प्रेरित हैं और स्थानीय लोंगों ने पुलिस पर आरोप मढ़ना शुरू कर दिया कि पुलिस के देख रेख में चुलाइ शराब बिक रहा हैं। इस पूरे प्रकरण में स्थानीय चौकीदार की भूमिका संदिग्ध हैं। जिस वक्त ग्रामीणों का मजमा लगा उस वक्त भी कई लोग शराब के नशे में थे और ग्रामीणों ने कई नाबालिग को सामने लाकर पुलिस के साथ हो हंगामा किया। ग्रामीणों का यह खेल समझने वाला हैं ,नाबालिगों की संख्या बल भी इतनी थी कि पुलिस भी बेबस थी और लोग मजमा लगाकर हल्ला कर रहें थे।

