छपरा एडवोकेट हत्याकांड के विरोध मेंअधिवक्ता न्यायिक कार्य से अपने को अलग रखा । छपरा कोर्ट के अधिवक्ता राम अयोध्या यादव एवं उनके अधिवक्ता पुत्र सुशील कुमार यादव को घर से न्यायालय जाते समय अपराधियों द्वारा दिन दहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई है। जो एक दर्दनाक घटना है।इस घटना को लेकर एडवोकेट एसोसिएशन डुमरांव ने एक शोक सभा की ततपश्चात न्यायिक कार्यों से अपने को अलग रखा।यह कार्यक्रम संघ के महासचिव पृथ्वी नाथ शर्मा की अध्यक्षता में हुई।साथ ही एक निंदा प्रस्ताव पारित करते हुए सरकार से मृत अधिवक्ताओं के परिजनों को दो करोड़ रुपया, सरकारी नौकरी,सुरक्षा की गारंटी एवं राजस्थान की तरह अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग की गई। अधिवक्ता बिरेन्द्र तिवारी, सुरेन्द्र सिंह, अशोक ओझा,रामाशीष सिंह, पीयूष पांडेय, मंगल मूर्ति तिवारी थे।