यही से शुरुआत कालाबाजारी की होती हैं ?समझने की बात यही हैं कि इस धंधे मे जुड़े माफियाओ द्वारा बड़ा खेल कर दिया गया।तारडीह गोदाम के स्टाक रजिस्टर को देखने से पता चलेगा कि स्टाक मे लिया गया चावल आखिर कहां हैं ?सूत्रों की माने तो स्टाक मे आयें चावलों को कई डीलरों के यहां आपूर्ति दिखा दिया गया होगा और वहां बैठे माफियाओं ने सरकारी बोरी से चावल निकालकर बाजार के बोरी मे पैक कर फिर उसी गोदाम मे भेजने की तैयारी कर दी।