लोन के लिए काट रहे है बैंक का चक्कर तो हो जाइये सावधान, नही तो आप भी हो सकते है जालसाज का शिकार। जी हां अगर आप नही हुए सावधान तो आपके जानकारी के बिना आप का हो जायेगा लोन पास और जालसाजों की होगी बल्ले बल्ले।
लोन के लिए काट रहे है बैंक का चक्कर तो हो जाइये सावधान, नही तो आप भी हो सकते है जालसाज का शिकार। जी हां अगर आप नही हुए सावधान तो आपके जानकारी के बिना आप का हो जायेगा लोन पास और जालसाजों की होगी बल्ले बल्ले।
लोन के लिए काट रहे है बैंक का चक्कर तो हो जाइये सावधान, नही तो आप भी हो सकते है जालसाज का शिकार। जी हां अगर आप नही हुए सावधान तो आपके जानकारी के बिना आप का हो जायेगा लोन पास और जालसाजों की होगी बल्ले बल्ले।
कुशेश्वरस्थान/प्रशांत कुमार
ऐसा ही एक मामला कुशेश्वरस्थान सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया शाखा धरमपुर से सामने आया है। जिसमें एक दिव्यांग व्यक्ति को ऐसे ही मामले का शिकार बना दिया गया है।
आइये विस्तार से जानते है कैसे शिकार बनाया गया एक दिव्यांग को।
मामला वर्ष 2019 का है तिलकेश्वर थाना क्षेत्र के शनिचरा निवासी मौजे लाल राय एक हाँथ और एक पैर से विकलांग है। इन्होंने अपना जीवन यापन करने के लिए PMEGP लोन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया। और आवेदन करने के बाद लगातार बैंक का चक्कर लगाते रहें ताकि उनका लोन किसी तरह स्वीकृत हो जाय ,पर ऐसा हुआ नहीं।
इस दौरान मौजे लाल की वर्ष 2022 में मुलाकात बैंक परिसर में ही ग्राहक सेवा केन्द्र के संचालक कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के दुबहा ( झाझरा ) निवासी अमरजीत रंजन उर्फ गौड़ी यादव से हुई। गौड़ी ने आवेदक श्री राय से कहा की आवेदन का रिसीविंग दीजिये चेक कर बताते है कि आवेदन का क्या स्टेटस है। थोड़ी देर बाद बोला कि आपका आवेदन रद्द कर दिया गया है फिर से आवेदन करना होगा।
अब यही से शुरुआत होती है दिव्यांग श्री राय को फसाने का चक्रव्यूह। वह अपने पहचान वाले गौड़ी यादव के चंगुल में फंसते चले जाते है।
आवेदक बताते है कि इसी समय गौड़ी ने मुझे नावार्ड एनजीओ के रामानंद यादव से मुलाकात कराते है और बोलते है कि यही साहब आपका लोन करायेंगे। इस लोन में आपको 25 हजार का खर्च आयेगा। मैंने गौड़ी यादव के बात पर 25 हजार रामानंद यादव को दिए साथ ही कई निकासी पंजी और जमा पंजी सहित आधार कार्ड, पेन कार्ड आदि पर मेरा हस्ताक्षर लिया और कहा की आपका लोन जल्द ही पास हो जायेगा।
लोन को लेकर गौड़ी और रामानंद यादव मुझ दिव्यांग को कभी दरभंगा तो कभी बैंक बुलाता रहा और आश्वासन देता रहा कि आपका लोन प्रोसेस में है जल्द मिल जायेगा।
पीड़ित मौजे लाल राय बताते है कि जब लगभग दो वर्ष बीत गए और लोन नही हुआ तो मैं 6 मई 2024 को बैंक आया और अपने लोन से संबंधित जानकारी ली तो मुझे बैंक कर्मी के द्वारा बताया गया कि आपका लोन खाता तो एनपीए हो गया है। इतना सुनते ही मेरे हाँथ पैर कांपने लगे। जब बैंक से खाता का स्टेटमेंट निकाला तो पता चला की मेरे खाते पैसे की निकासी हो गई है और अमरजीत रंजन मेरे लोन खाते में पैसे जमा कर रहे है।
पीड़ित बताते है कि जब मैं इस मामले में अमरजीत उर्फ गौड़ी से बात की तो वह मुझ पर आग बबूला हो गया और धमकी देने लगा की इस बात की जानकारी किसी को दिया तो अंजाम बुरा होगा। इस मामले में मैं स्थानीय थाना में भी आवेदन दिया हूँ। मैं दिव्यांग व्यक्ति कहाँ से कर्ज चुकाऊंगा जो मैंने कभी लिया ही नही।
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