ई-रिक्शा भी बिहार मोटर वाहन की श्रेणी में शामिल,
चालक को ड्राइविंग लाइसेंस के अलावा वाहन का रजिस्ट्रेशन, फिटनेस, परमिट रखना आवश्यक।

बिना नंबर के ई रिक्शा बेचने वाले डीलरों पर होगी कारवाई।

उत्तम सेनगुप्ता/दरभंगा

जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण इलाकों में बिना पंजीकृत एवं ड्राइविंग लाइसेंस के दर्जनों ई-रिक्शा सड़कों पर दौड़ रही है। जबकि ई-रिक्शा भी अब वाहन की श्रेणी में आ चुका है। इन्हें भी बिहार मोटर वाहन अधिनियम के दायरे में लाया गया है। इससे सरकार को भी राजस्व की प्राप्ति होगी। विभागीय अधिकारी के अनुसार ई-रिक्शा के लिए चालक को ड्राइविंग लाइसेंस के अलावा वाहन का रजिस्ट्रेशन, फिटनेस, परमिट व अन्य नियमावली के कागजात जो मोटर अधिनियम व लोक सेवा अधिकार अधिनियम के अंतर्गत आयेंगे होना आवश्यक है। हांलाकि ई-रिक्शा रजिस्ट्रेशन के समय दो साल की फिटनेस फ्री रहता है, इसके बाद मालिकों को प्रति वर्ष अपने वाहन का फिटनेस करना जरूरी है। लेकिन ई-रिक्शा पर मोटर अधिनियम लागू होने के बाद भी दर्जनों वाहन बिना रजिस्ट्रेशन के सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इतना ही नहीं बिना रजिस्ट्रेशन के ही दर्जनों ई-रिक्शा का उपयोग सरकारी कार्य में भी हो रहा है। परिवहन विभाग ने ई-रिक्शा को स्कूली वाहन या स्कूली बच्चों के परिवहन पर पूर्णतः रोक लगा दी है।परिवहन विभाग ने सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखकर इस नियम को लागू किया है।

जिला परिवहन पदाधिकारी निशांत कुमार ने पूछने पर कहा कि इ रिक्शा बिहार मोटर वाहन के श्रेणी मे हैं ऐसे मे ई रिक्शा का पंजीकृत होना आवश्यक हैं।उन्होंने कहा कि अन्य गाड़ियों के भांति इ रिक्शा को पंजीकृत होने के साथ साथ चालक का ड्राईविंग लाईसेंस ,फिटनेस सर्टिफिकेट आदि का होना आवश्यक हैं।उन्होंने कहा कि अगर वाहन चेकिंग के दौरान बिना नंबर का ई रिक्शा पाया जाता हैं तो उसपर कारवाई की जाएगी।उन्होंने यह भी कहा कि ई रिक्शा के डीलरों के द्वारा नियम विरुद्ध काम किये जा रहें हैं उन्हें नंबर के साथ खरीदने वालें ग्राहकों को गाड़ी मुहैया कराना हैं।डीटीओ निशांत ने कहा कि ऐसे सभी डीलरों को भी चिन्हित कर कारवाई की जाएगी।