चुनाव डयूटी मे कोत प्रभारी ,आरएसआई -1,एवं पुनि (परिo)को चुनाव डयूटी मे लगाना कहां तक उचित ?इन तीनों पदों की पुलिस लाइन मे भूमिका अहम।
चुनाव डयूटी मे कोत प्रभारी ,आरएसआई -1,एवं पुनि (परिo)को चुनाव डयूटी मे लगाना कहां तक उचित ?इन तीनों पदों की पुलिस लाइन मे भूमिका अहम।
चुनाव डयूटी मे कोत प्रभारी ,आरएसआई -1,एवं पुनि (परिo)को चुनाव डयूटी मे लगाना कहां तक उचित ?इन तीनों पदों की पुलिस लाइन मे भूमिका अहम।
दरभंगा /संजय कुमार राय
दरभंगा जिले के लहेरियासराय स्थित पुलिस केन्द्र राजनीति का अखाड़ा बनता जा रहा हैं । यहां पदस्थापित कई पुलिस पदाधिकारी अपनी मनमानी करते रहते हैं,अगर इनके विपरीत कोई कनीय पदाधिकारी काम करते हैं तो उसके विरुद्ध कोई ना कोई साजिश रच देते हैं।
ऐसा ही एक मामला सामने आया हैं।
दरअसल लोकसभा चुनाव के षस्टम चुनाव को शान्तिपूर्ण चुनाव कराने हेतु दरभंगा जिला बल से 148पुलिस पदाधिकारियो को पूर्वी चंपारण एवं सातवें चरण मे 148पुलिस पदाधिकारी को भोजपुर जिलाबल मे प्रतिवेदित कराने का आदेश हैं। अब इस आदेश के तहत जो सूची पुलिस केन्द्र मे बनाई गई वह नियमाकुल नहीं हैं।
दरअसल वैसे पुलिस पदाधिकारी /कर्मियों को चुनाव डयूटी मे लगा दिया गया हैं जिन्हें चुनाव कार्य मे लगाना नहीं हैं ,केन्द्र मे और भी पुलिस पदाधिकारी हैं जो महत्वपूर्ण पदों पर नहीं हैं उन्हें चुनाव डयूटी मे लगाना हैं लेकिन महत्वपूर्ण पदों पर बेठे जैसे कोत प्रभारी राम कुमार राम, आरएसआई 1-कुंदन कुमार सिंह ,पु नि (परिचारी )अवधेश कुमार झा को चुनाव डयूटी मे लगा दिया गया हैं । ऐसे पुलिस पदाधिकारियों को चुनाव डयूटी मे लगा देने से पुलिस केन्द्र की व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह खड़ा हो जाता हैं। इस महत्वपूर्ण पदों पर बैठे पदाधिकारियों की जवाबदेही अहम हैं बावजूद चुनाव डयूटी मे लगाना कानून संगत नहीं हैं।
हाल ही मे लोकसभा चुनाव के दौरान व्यवस्था को सुदृढ़ रखने के लिये एसएसपी ने परिवहन विभाग मे कई पदाधिकारी /सिपाही को प्रतिनियुक्त किया था ,इसमें एक ऐसे इंस्पेक्टर की पोस्टिंग हो गई जो चुनाव के दौरान भी अपनी जेब भरने के लिये दिमाग का उपयोग कर रहें थे।उनकी मंशा पूरी नहीं होने पर उन्होंने महत्वपर्ण् पदों पर बैठे पुलिस कर्मियों को चुनाव डयूटी मे भेजने की तैयारी कर दी और उनका नाम भी चुनाव डयूटी मे दे दिया।
दरअसल चुनाव के दौरान जिन गाड़ियों का इस्तेमाल नहीं हुआ उन गाड़ियों के तेल के पर्चे पुलिस लाइन से परिवहन विभाग को लौटा दिया गया जो तकरीबन 400लीटर था।
लेकिन एक इंस्पेक्टर की इस लौटाये गये तेल को लेकर मंशा गलत थी वह चाहते थे कि 400लीटर का पर्ची क्यू लौटाया गया। वजह साफ हैं कि 400लीटर तेल को बंदर बांट करना चाहते थे लेकिन उनकी मंशा पूरी नहीं हुई तो परेशान करने के लिये पुलिस लाइन के महत्वपूर्ण पदों पर बैठे उन पदाधिकारियों को ही निशाना बना दिया और चुनाव डयूटी मे कोत प्रभारी राम कुमार राम समेत अन्य को चुनाव डयूटी मे दे दिया गया जो नियमाकुल नहीं हैं।
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