लोकतंत्र मे एक वोट का बड़ा महत्व ,भारत की तकदीर और तस्वीर बदलने मे सहायक :पूनम झा ,खुद भी वोट डाली लेकिन सेंकड़ों महिलाओं को वोट डालने के लिये किया प्रेरित।
दरभंगा /संजय कुमार राय
मधुबनी जिला मे चल रहें वोटिंग के दौरान एक शिक्षित महिला ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर मत के महत्व को समझाने का प्रयास किया हैं। खुद तो वोट डाली ही ,कई और महिलाओं को जागरूक कर मत देने के लिये उत्साहित किया। वोट तो कई महिलाओं ने गिराया लेकिन इनकी बात ही कुछ खास हैं। चुनाव आयोग को ऐसे महिलाओं को पुरस्कृत करना चाहिये जो एक वोट के महत्व को समझाने के लिये करीब सो किलोमीटर का सफर तय किया ?
सवाल सौ किलोमीटर सफर तय कर अपने गांव पहुंचना कोई बड़ी बात नहीं हैं ,बड़ी बात यह हैं कि वह अपने पति को समझाते हुये कहीं, कि एक वोट से कोई चुनाव हार सकता हैं और जीत सकता हैं लेकिन हम एक सशक्त सरकार बनाने के लिये वोट का प्रयोग करेंगे। और वह महिला अपने पति से वोट गिराने के लिये झगड़ा पर उतारू हो गई फिर क्या था पति मजबूर हो गया और पत्नी को वोट गिराने के लिये उसको गांव पहुंचाना पड़ा।
दरअसल उक्त महिला का पति एक तेजतरार पुलिस इंस्पेक्टर हैं और सुदूर के देहात मे पोस्टिंग हैं। अपने बाल -बच्चों सहित पत्नी के साथ वहां रहते हैं। इंस्पेक्टर साहब को चुनाव मे डयूटी लगी थी इस कारण एक दिन पहले उन्हें वहां जाना था। पत्नी ने कहा आप डयूटी जाईये लेकिन मुझे गांव मे छोड़ दीजिये। इंस्पेक्टर साहब अपने डयूटी को लेकर कुछ लाचार थे और बेबस थे। पत्नी ने उन्हें “एक वोट “का कीमत समझाया और जिद करने लगी कि पहले मुझे गांव छोड़िये फिर आप डयूटी पर जाईये। आखिरकार इंस्पेक्टर साहब को अपने पत्नी को गांव छोड़ना पड़ा फिर डयूटी पर गये।
दरअसल वह महिला पूनम झा मधुबनी जिले के अरेड़ थाना अंतर्गत ढंगा गांव मे अपने पिता सुशील चंद्र झा के यहां पहुंची और बूथ नंबर 140पर अपना वोट गिराई ,वोट गिराकर पूनम काफी प्रसन्न थी। पूनम ने पूछने पर कहा कि इस लोकतंत्र मे एक वोट बड़ी ताकत रखती हैं ,”भारत की तस्वीर और तकदीर “बदलने मे सहायक हैं। उन्होंने कहा कि अपना मतदान अवश्य करें।

