विद्यार्थी परिषद के विरासत मे पूर्व मुख्यमंत्री सुशील कुमार जैसे कार्यकर्ताओं का बड़ा योगदान,सुशील मोदी का निधन अभाविप परिवार के लिए अपूर्णीय क्षति। महान राजनीतिक एवं सामाजिक पुरोधा थे सुशील मोदी : विद्यार्थी परिषद।

बिरौल /दरभंगा

बिरौल अनुमंडल स्थित  जे०के कॉलेज परिसर में अभाविप के पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री सुशील मोदी के देहावसान पर दो मिनट का मौन धारण कर तथा पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।

इस मौके पर उपस्थित प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य राघव आचार्य ने कहा विद्यार्थी परिषद का विरासत अगर स्वर्णिम रहा है तो उसमें सुशील मोदी जैसे कार्यकर्ताओं का योगदान है। व्यवहारकुशलता, संगठनकर्ताभाव तथा मिलनसार व्यक्तित्व की पहचान ही सुशील मोदी की असली पहचान रहा। शुरुआत एक मजबूत छात्र नेता से लेकर राजनीति में प्रवेश के बाद एक कुशल प्रशासक बनने तक का सफर देश के युवाओं के लिए प्रेरणा स्त्रोत है।

जिला संयोजक ऋषिकेश आचार्य ने कहा कि आज के समय में सुशील मोदी जैसे कार्यकर्ता बहुत बिरल ही पैदा लेते हैं, जो सरकार की दमनकारी नीतियों के खिलाफ लाठी खाकर सड़क पर लड़ते रहे। संगठन ने उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी, उसका वह पालन करते रहे। उनके निधन से बिहार के राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में जो शून्यता आई है, उसकी भरपाई नामुमकिन है।

कॉलेज अध्यक्ष सचिन कमती और सोशल मीडिया सह प्रभारी नटवर झा ने कहा कि सुशील मोदी ने बिहार की राजनीति को एक नई दिशा दी। वे उन गिने-चुने लोगों में थे, जिन्हें लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा और विधान परिषद चारों सदनों का प्रतिनिधित्व करने का अवसर प्राप्त हुआ।

इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से राहुल सिंह, सुनील कुमार,अनुज कुमार सिंह, प्रियांशु कुमार, आशीष कुमार, प्रवीण कुमार ,मुकेश कुमार,सोनू कुमार सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।