ताड़ी नहीं देने पर जाति सूचक गाली देकर गोली मारना पर गया महंगा ,अदालत ने माना दोषी ,24मई को सजा के बिंदु पर होगी सुनवाई।

दरभंगा/विधि संवाददाता,

दरभंगा न्याय मंडल के अनुसूचित जाति/जनजाति अधिनियम के विशेष न्यायाधीश शैलेंद्र कुमार की कोर्ट शनिवार को अलीनगर थानाक्षेत्र के अलीनगर निवासी जहीर अंसारी के पुत्र मो. गुफरान अंसारी उर्फ जिबरान को जानलेवा हमला करने, अवैध पिस्टल से गोली मारकर घायल करने, जाति के नाम पर गालियाँ देने के आरोप में दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी अभियुक्त को सजा अवधि निर्धारण के बिन्दु पर सूनवाई और निर्णय के लिए 24 मई की तिथि निर्धारित किया है।स्पेशल पीपी संजीव कुमार कुंवर ने बताया कि 18 मई 23 की रात्रि में अभियुक्त ने अपने हीं गांव के कामेश्वर महतो के घर नीरा पीने के लिए गया।महतो ने कहा कि दुकान बंद हो गया है नीरा नहीं मिलेगा।इसी से आक्रोशित होकर जीवरान ने अपने कमर से पिस्टल निकालकर गोली मार दिया।जख्मी का इलाज डी एम सी एच के बाद स्थानीय एक निजी अस्पताल पारस में हुआ।जख्मी महतो के फर्दबयान पर अलीनगर थानाकांड सं.50/23 दर्ज हुआ।अनुसंधानक ने घटना के तीन दिन बाद अभियुक्त को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और 13 जूलाई 23 को न्यायालय में आरोपपत्र समर्पित कर दिया ।स्पेशल पी पी श्री कुंवर ने बताया कि इस मामले को स्पीडी ट्रायल के तहत आठ गवाहों की गवाही कराई गई। न्यायालय में अभियुक्त के बिरुद्ध अपराध सिद्ध करने में सबसे अहम भुमिका एफ एस एल जांच प्रतिवेदन का रहा।जिससे यह साबित हुआ कि जप्त पिस्टल से चली गोली हीं जख्मी के शरीर में पाया गया था।अदालत ने शनिवार को इस मामले की सूनवाई पुरी कर अभियुक्त को भादवि की धारा 307,आर्म्स ऐक्ट की धारा 25(¡-b)a,27 एवं एससी/एसटी की धारा 3(2) v में दोषी करार देते हुए कोर्ट ने अभियुक्त को दरभंगा जेल भेज दिया है।