डॉक्टर साहब की ऐसी हरकत ,भला कौन पत्नी बर्दाश्त करेगी ?पुलिस की कारवाई नहीं होने से डॉक्टर साहब का दिमाग सातवें आसमान पर।

दरभंगा /संजय कुमार राय

दरभंगा के चर्चित चिकित्सक की डॉ॰ दंपति से मारपीट का मामला इतना चर्चित हो गया हैं कि लोग अब जानना चाह रहें हैं कि वह चर्चित चिकित्सक कौन हैं ?

सूत्र बताते हैं अस्पताल मे इलाज कराने आयी एक महिला मरीज के कारण इतना सब कुछ हुआ हैं । जब कोई बीमार मरीज इलाज कराने अस्पताल जाता हैं और वहां के चिकित्सक उससे गुप्त गु करने लगे ऐसे मे आप समझ सकते हैं कि ऐसे चिकित्सकों पर लोग कैसे विश्वास करेंगा  ?और इसी कारण विवाद बढ़ा और मामला यहां तक पहुंच गया।

किसी भी चिकित्सक को लोग भगवान के नजरिये से देखता हैं।लेकिन दरभंगा मे ऐसे डॉक्टर भी हैं जिनकी कार्यशैली गलत हैं , इन्हें अकूत दौलत की गर्मी हैं।

जी हाँ ,सूत्रों का कहना हैं कि एक महिला मरीज इलाज कराने अस्पताल आयी थी। सूत्र बताते हैं कि चर्चित डॉ॰ के पत्नी से वह महिला इलाज करा रही थी। इलाज के दौरान ही जांच आदि के क्रम मे उक्त महिला को डॉक्टर साहब के पास जाना पड़ा। एक दो दिन बाद उक्त महिला की तबियत मे सुधार होने लगी , इसी बीच डॉक्टर साहब और उस महिला मरीज के बीच व्हाट्सएप चेटिंग के साथ साथ बात होने लगी। देर रात तक चेटिंग कर बात करते डॉक्टर साहब की पत्नी ने देख लिया फिर क्या था ,नोक झोंक होने लगी ,नोक झोंक होते होते मारपीट पर पहुंच गई और यह लड़ाई लगातार क्रूरता का रंग लेने लगी ।

6मई की सुबह इसी बात को लेकर फिर मारपीट हुई थी जिसके कारण  डॉक्टर पत्नी ने रिवाल्वर लेकर बाथरूम गई और गेट की कुंडी लगा ली। यही नहीं खिड़की से बाहर दो फायरिंग कर दी थी इसी कारण पुलिस को कोई भी निशान घर मे नहीं मिला ।

दरभंगा के चर्चित डॉक्टर के घर चली गोली के कई गवाह हैं  ,लेकिन स्थानीय पुलिस उस गवाह तक पहुंचने मे असफल हैं पुलिस भी इस मामले को हल्के मे लें ली । अगर पुलिस उस गवाह को खोज लेती तो उस हॉस्पिटल हुई और भी कई वारदात की जानकारी पुलिस को मिल जाती।

दरअसल डॉक्टर साहब द्वारा जैसी वारदात की गई थी वह  वारदात आपराधिक हैं इसीलिये इस मामले मे पुलिस को खुद संज्ञान लेकर डॉक्टर के विरुद्ध मामला दर्ज करना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं हुआ क्यूंकि इस मामले के गवाह वहां कार्य कर रहें कई कर्मी थे जिन्होंने इस लड़ाई का बीच बचाव किया था।लेकिन इस बीच -बचाव करने वाले कर्मियों को एक रूम मे बंद कर दिया गया था और आठ घंटे तक उसे अस्पताल मे  बंदी बनाकर रखा गया था।यही नहीं जब इन कर्मियों को मुक्त किया गया तो यह कहते हुये मुक्त किया गया कि कल से कोई भी डयूटी पर मत आना और इन सभी कर्मियों को डॉक्टर साहब ने नौकरी से निकाल दिया।

इन कर्मियों को बंधक बनाना ,और घर के खिड़की से हवाई फायरिंग करना यें दोनों मामले संगीन हैं लेकिन इतना होने के बाद कोई भी पुलिसिया कारवाई नहीं होने से डॉक्टर साहब का मन बढ़ना स्वाभाविक हैं।

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