गोली फायरिंग के मामले मे कोतवाली थानाध्यक्ष की कारवाई नदारद ?पैसों की चमक मे कहीं पुलिस की कारवाई स्थिर तो नहीं ?जांच तो बनता हैं।

दरभंगा /संजय कुमार राय 

कोतवाली थाना क्षेत्र के चर्चित डॉक्टर के कारिस्तानियो की परत दर परत हैं ,अगर इनके एक एक पन्ने के राज को खोला जाय तो कई परते आपके सामने आ जाएगी ?खैर डॉ॰ दंपति व फायरिंग का मामला रविवार को पूरे शहर मे खासे चर्चे मे रहा ,मगर डॉ॰ के इर्द -गिर्द रहने वाले लोग दबी जुबान से ही सही ,यह कहते हुये भी नहीं चुके कि प्रशासन तो प्रशासन ,पुलिस महकमा भी डॉक्टर के कायल हैं। इनसे पीड़ित कर्मी के परिजनों ने भी खुद मे दहशत होने की चर्चा भी खासे कर रह हैं। किसी विडिओ फुटेज की बातें को भी रह रहें हैं कि स्थानीय पुलिस तो नीचे की चीज हैं इनके पक्ष और विपक्ष राजनीतिज्ञ गलियारो मे भी हैं। रही बात स्थानीय स्तर पर गुंडा मवाली इनके धाक के नीचे हैं। भला इस रसूखदार को किस बात की डर हैं।पैसे की गर्मी इतनी कि अपने आगे सभी को बौना समझते हैं ?

डॉक्टर दंपति के घर हुई फायरिंग के मामले मे पुलिस की कारवाई नदारद हैं। पुलिस ने 11कारतूस के अलावे दो खोखा एवं लाईसेंसी पिस्टल अपने कब्जे मे तो लें लिया लेकिन डॉ॰ दंपति के घर हुई फायरिंग के मामले मे पुलिसिया कारवाई करना उचित नहीं समझा।

इस मामले मे कोतवाली थाने की पुलिस का कहना हैं कि दंपति के घर फायरिंग नहीं हुई हैं जब्कि असलियत मे डॉक्टर के घर दो फायरिंग हुई हैं।इसके भी राजदार हैं।

इसका भी खुलासा दस्तक 7करेगा ?

पुलिस की यह बात कैसे मान ली जाय कि डॉ॰दंपति के घर फायरिंग नहीं हुई हैं ?पुलिस को इस बात को बारीकी से जांच कर कारवाई करना चाहिये ,और वहां काम कर रहें कर्मियों को थाने पर बुलाकर एक एक कर्मी से पूछताछ करनी चाहिये ?इतना करने से ही मामले का परत खुल जाएगा।

गोली चली या नहीं चली इस बात का खुलासा जब्त पिस्टल के मामले मे पिस्टल की जांच स्थानीय पुलिस को कराना चाहिये ,पुलिस को चाहिये कि उक्त पिस्टल की जांच आरमोरर से कराये ?आरमोरर यह बात साफ साफ बता देगा कि इस पिस्टल से गोली चली अथवा नहीं ?और यह जांच वरीय पुलिस पदाधिकारी के देख रेख मे की जानें की जरूरत हैं  ?अगर पुलिस इस मामले को समय रहते गंभीरता से नहीं लिया तो वह दिन दूर नहीं जब इस परिवार मे कोई बड़ी घटना ना घट जाय ?और पुलिस के लिये यह सरदर्द बन जाएं।

अगर कोतवाली पुलिस इस मामले मे कोताही बरतती हैं तो वरीय पुलिस पदाधिकारियों को इस मामले मे संज्ञान लेना चाहिये। सूत्रों की माने तो डॉ॰ दंपति के पूरे बदन पर घटना के एक सप्ताह बीतने के बाद कई जख्म के निशान हैं जो यह प्रमाणित करता हैं कि मारपीट हुई हैं और यह कोई पहला मामला नहीं हैं ?सूत्रों का कहना हैं कि यह मामला पूर्व मे भी कई बार हो चुका हैं।
दरअसल मार खाकर तंग आ चुकी डॉक्टर दंपति अब भी डरीं सहमी हैं और उसे काफी डर हैं।इस कारण वह कोतवाली थानाध्यक्ष से अपने पति के विरुद्ध कोई भी शिकायत नहीं की।

दरअसल चर्चित चिकित्सक भूल जाते हैं कि उनका एक भरा पूरा परिवार हैं जिसमें पत्नी और बच्चे भी हैं।लेकिन उन्हें पैसों की गर्मी जो हैं।

खैर चुनाव के कारण यह संवाददाता व्यस्त हैं ,लेकिन यह संवाददाता इनके उन राजदार पहलुओं को भी सामने लाएगा जहां से उनकी शुरुआत हुई ?

अगले एपिसोड मे घटना के दिन की विस्तृत जानकारी आपको मिल जाएगी।लगातार पढ़ते रहिये

दस्तक 7की रिपोर्ट