बार एसोसियेशन के अधिवक्ताओं ने मिथिला विभूति कवि रामधारी सिंह दिनकर की मनाई पुण्यतिथि ,उनकी रचनाओं को आयोजित कार्यक्रम मे वरिष्ठ अधिवक्ता अरुण ने प्रकाश डाला।
बार एसोसियेशन के अधिवक्ताओं ने मिथिला विभूति कवि रामधारी सिंह दिनकर की मनाई पुण्यतिथि ,उनकी रचनाओं को आयोजित कार्यक्रम मे वरिष्ठ अधिवक्ता अरुण ने प्रकाश डाला।
बार एसोसियेशन के अधिवक्ताओं ने मिथिला विभूति कवि रामधारी सिंह दिनकर की मनाई पुण्यतिथि ,उनकी रचनाओं को आयोजित कार्यक्रम मे वरिष्ठ अधिवक्ता अरुण ने प्रकाश डाला।
दरभंगा/विधि संवाददाता,
जिला बार एसोसिएशन भवन दरभंगा में बुधवार को वकीलों ने वीर रस के कवि मिथिला विभूति रामधारी सिंह दिनकर की पुण्यतिथि मनाई। अधिवक्ता अनिल कुमार सिंह और रमणजी चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में वकीलों ने अपने प्रिय कवि स्वर्गीय दिनकरजी के चित्र पर पुष्प निवेदित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया।
मौके पर अधिवक्ता अरुण कुमार चौधरी ने हिन्दी साहित्य के क्षेत्र में दिनकर जी की रचनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।उनकी ओजपूर्ण रचनाओं में “रे रोक युधिष्ठिर को न यहां,जाने दो उनको स्वर्ग धीर,
पर फिरा हमें गाण्डिव गदा,लौटा दे अर्जुन भीम वीर, है।इस रचना का पाठ दिनकर जी ने राज्यसभा में किये थे। “उनकी पंक्तियों में छिपे राष्ट्रीय गौरव का भाव हमें आज भी उद्वेलित कर रहें है। वहीं कवि दिनकर ने अपनी काब्य में”समर शेष है,नही पाप का भागी केवल ब्याध,
जो तटस्थ है,समय लिखेगा,उनका भी अपराध।”मौके पर स्पेशल पीपी संजीव कुमार कुंवर,उज्जवल गोस्वामी,माधव चौधरी,मायाशंकर चौधरी,हिरानंद मिश्र,कुमार उत्तम,अनीता आनंद,संतोष कुमार सिन्हा,ब्रजेश चौधरी,अनिल कुमार मिश्रा, श्याम कुमार झा,अधिवक्ता लिपिक विनय कुमार झा समेत दर्जनों वकीलों ने पुष्प निवेदित कर नमन किया।