दरभंगा। जिलाधिकारी राजीव रौशन ने मार्च से मई महीने में घटित होने वाले अग्निकांड आपदा व भीषण गर्मी एवं लू से बचाव हेतु आपदा प्रबंधन विभाग, बिहार पटना द्वारा जारी दिशा-निर्देश का पालन करने हेतु जिले के अधिकारियों को कई आवश्यक निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिले में अग्निकांड की सूचना प्राप्त होते ही संबंधित अंचलाधिकारी एवं अनुमण्डल पदाधिकारी स्वयं घटना स्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य करवाना सुनिश्चित करेंगे। साथ ही इसका प्रतिवेदन जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय को भेजेंगे। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को 24 घंटे के अन्दर अनुमान्य सहायता यथा-पॉलीथिन शीट्स, नगद अनुदान तथा वस्त्र एवं बर्तन के अनुदान उपलब्ध करायेंगे। उन्होंने कहा कि यदि जले व क्षतिग्रस्त मकानों का सर्वेक्षण कर इसका जिओ टैगिंग एवं फोटोग्राफी कराकर संबंधित अनुमण्डल पदाधिकारी से स्वीकृत्योपरांत ससमय गृह क्षति अनुदान देना सुनिश्चित करेंगे। इसके साथ ही पंचायत स्तर पर मुखिया, जनप्रतिनिधि के साथ बैठक कर अग्निकांड की रोकथाम हेतु भीषण गर्मी एवं लू से बचाव हेतु जागरूकता फैलाना व राज्य द्वारा समय-समय पर जारी हीट वेव बुलेटिन एवं मौसम पूवार्नुमान के आंकड़ों/चेतावनियों को ससमय अपने क्षेत्र के अधिक से अधिक सोशल मीडिया ग्रुप में प्रेषित करना सुनिश्चित करेंगे। नगर आयुक्त, दरभंगा नगर निगम को शहरी क्षेत्रों तथा नगर पंचायतों में सार्वजनिक स्थानों पर प्याऊ की व्यवस्था, आवश्यकतानुसार चापाकलों की मरम्मती, नगरीय क्षेत्र में अवस्थित आश्रय स्थलों में पेयजल तथा स्लम निवासियों हेतु आकस्मिक दवाओं की व्यवस्था के साथ ही गर्म हवाओं एवं लू से बचाव तथा अग्निकांड की घटना के निदान हेतु आम जनता के बीच प्रचार-प्रसार करवाने का निर्देश दिया गया। वहीं लू हीट वेभ के ईलाज की विषेष व्यवस्था, आईसोलेशन, ए.सी. वार्ड, ओ.आर.एस. पैकेट, प्ट सिनपक एवं जीवन रक्षक दवाएँ यथा संभव सभी चिकित्सालयों में उपलब्ध करवाना, मरीजो, मृतकों से संबंधित प्रतिवेदन जिला आपदा को उपलब्ध कराना, अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों में स्वच्छ पेयजल, प्याऊ के साथ ही चलंत चिकित्सालय एवं वाहन की व्यवस्था के साथ ही हेल्प लाईन, कंट्रोल रूम की व्यवस्था तथा फोन के प्रचार-प्रसार करवाने का निदेश सिविल सर्जन, दरभंगा को दिया गया है। उन्होने कार्यपालक अभियंता, लोक स्वास्थ्य को खराब चापाकलों की युद्ध स्तर पर मरम्मति, संकट ग्रस्त क्षेत्रों में टैंकरो के माध्यम से पेयजल की आपूर्त्ति, भू-गर्भ जल स्तर की लगातार समीक्षा एवं निगरानी करने के साथ-साथ चापाकल मरम्मति दल तथा कंट्रोल रूम का प्रचार-प्रसार करने एवं शिकायतों का समुचित निपटारा करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा अग्निशमन विभाग को एलर्ट मोड पर रहने का निर्देश दिया गया है। जिला अधिकारी ने कहा कि गर्मी एवं लू से बचाव के लिए सभी अधिकारी अपने स्तर से आवश्यक कदम उठाना सुनिश्चित करें, जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।