बहेड़ी थाना क्षेत्र की एक महिला दर दर भटकने को मजबूर , थानाध्यक्ष के कार्यशैली पर उठ रहें हें सवाल ?सरकार के कई आदेशों की उड़ाई जा रही हें धज्जिया।

दरभंगा /संजय कुमार राय 

जिले मे कई वैसे थानेदारों की संख्या बढ़ गई हैं जिनके कार्यशैली को लेकर सवाल उठना शुरू हो गया हैं ?एक तरफ सरकार कहती हैं कि थाना पर आयें फरियादियों से अच्छा व्यवहार करें ,उन्हें पानी मिलाएं और बैठने के लिये कहें वहीं दूसरी तरफ थानेदार का रौब थाने पर कुछ और ही दिखाई पड़ता हैं ?सरकार कहती हैं कि थाने पर आयें फरियादियों द्वारा अगर कोई आवेदन दिया जाता हैं तो उसकी रिसीविंग कॉपी फरियादियों को तुरंत दे लेकिन जिला के कोई भी थानेदार आवेदन का रिसीविंग नहीं दे रहें हैं इसके कारण इनकी मनमानी चरम पर हैं।जिले के किसी थाने पर जाएं और थाने पर बैठे लोंगों के बारे मे पता करें  तो पता चलेगा कि ज्यादातर थानों मे भूमाफिया ,थाना के दलाल एवं शराब माफियाओ का कब्जा हें । अगर यही हाल रहा तो आने वाले वक्त मे पुलिस से लोग नफरत करने लगेंगे जब्कि सरकार कहती हें कि घर घर जाकर लोंगों की समस्या को सुने और उसका निपटारा करें ,ताकि आम लोंगों का भरोसा पुलिस पर और बढ़े।लेकिन सरकार की दलीलें सिर्फ बातों भर हें ,जमीनी हकीकत कुछ और ही हें।

बहेड़ी थानाध्यक्ष पर उठ रहें हें सवाल 

यहां बता दे कि बहेड़ी थाना पुलिस की कार्यशैली पर एक महिला ने सवाल क्या खड़ा किया हें ,वह महिला दर -दर की ठोकरें खा रही हें और उसे न्याय नहीं मिल रहा हें।

थानेदार की कार्यशैली से उनकी मंशा स्पष्ट 

दरअसल उस महिला की पिटाई उसके बगलगीर ने कर दी हें  और जब इस मामले की शिकायत करने महिला थाने मे गई ,फिर क्या था उस महिला को  थानेदार ने अपनी हेकड़ी दिखानी शुरू कर दी। उस महिला के आवेदन पर चार दिनों के बाद एफआईआर दर्ज हुआ।महिला का आरोप हें कि उसे बहेड़ी थाना की पुलिस रोज बुलाकर पूरा दिन थाने पर बैठाता था और पूरा दिन थाने पर बैठने के बाद वह  हताश -निराश होकर घर आ जाती थी।
यहां बता दे कि बहेड़ी थाना अध्यक्ष की कारगुजारियो से सिरुआ गाँव की विमला देवी खासा परेशान है ,महिला का आरोप हें कि थाना अध्यक्ष वरुण कुमार गोस्वामी ने विमला देवी के आवेदन पर कांड दर्ज करने में 4 दिन लगा दिया ,उक्त महिला को रोज थाना में बुलाया जाता था ,घंटो बैठाने के बाद फिर उसे घर जानें को कहा जाता था ,थाना पर थाना अध्यक्ष एक ही बात का दवाव बनाते थे कि अपना आवेदन वापस लो ?

और हुआ भी यही विमला देवी ने जिसे आरोपित किया था दो दिन बाद आरोपित का भी मामला थाने मे दर्ज हुआ। वादी और प्रतिवादी दोनो घटना की तिथि और समय एक ही दे रहें हें इसका मतलब हें कि महिला के साथ घटना घटी हें ?अब समझा जा सकता हें कि थानाध्यक्ष द्वारा ऐसा क्यू किया जा रहा था।लेकिन यहां एक बात जायज हें कि थाने मे प्राथमिकी तो कोई भी दर्ज करा सकता हें निर्णय तो जांचोंउपरांत होगा।

एसपी ग्रामीण ने इंस्पेक्टर को दिया जांच का जिम्मा ,पर लीपा पोती मे लग गये इंस्पेक्टर 

जब इस बात की शिकायत विमला देवी ने एसपी ग्रामीण (दरभंगा ) से की तो उसमें भी एक नया मोड़ आ गया हें।ग्रामीण एसपी ने बहेड़ा अंचल के इंस्पेक्टर को इस मामले को जांच सौंपा लेकिन इंस्पेक्टर साहब जांच करने के बजाय कुछ और ही कर रहें हें।अब जांच के नाम पर बहेड़ा अंचल के इंस्पेक्टर ने पीड़िता विमला देवी क़ो अपने बहेड़ा स्थित कार्यालय मे बुलाकर महिला को न्याय देने के बजाय सुलह करने का दवाब बना रहे है. पीड़िता विमला देवी के मुताबिक उनके गाँव सिरुआ के महेन्द्र झा ने 27 मार्च 2024 क़ो अपने परिजनों के साथ मिलकर विमला देवी और उसके पुत्रो के साथ मारपीट की. शुरू में इस महिला ने गावं में पंचायत के भरोसे रही, पर पंचायत नहीं होने पर उसने 30 मार्च क़ो बहेड़ी थाना में लिखित शिकायत की. थाना अध्यक्ष ने घटना की जाँच करवाई. इसके बाद 2अप्रैल तक रोज थाना अध्यक्ष उसे थाना में बुलाकर सुबह से शाम तक बैठाया और रोज एक ही बात का दवाब बनाते रहें कि आवेदन वापस लो वरना महेन्द्र झा का केस पहले दर्ज होगा. पर पीड़िता अड़ी रही. फलतः 4दिन बाद थाना अध्यक्ष वरुण कुमार गोस्वामी ने 3 अप्रैल 2024 क़ो विमला देवी के आवेदन पर बहेड़ी थाना कांड संख्या 102/2024 दर्ज किया. बहेड़ी थाना अध्यक्ष की इस कारगुजारियो की शिकायत ज़ब विमला देवी ने एसपी ग्रामीण दरभंगा से की तो थाना अध्यक्ष गोस्वामी ने 5 अप्रैल 2024 क़ो महेन्द्र झा के आवेदन पर बहेड़ी थाना में कांड संख्या 104/2024 दर्ज कर लिया. इधर एसपी ग्रामीण ने बहेड़ा इंस्पेक्टर क़ो विमला देवी के आवेदन पर जाँच का जिम्मा दिया ।

जांच करने घटना स्थल पर नहीं गये इंस्पेक्टर 

ग्रामीण एसपी द्वारा जो जांच बहेड़ा के सर्किल इंस्पेक्टर को दिया गया ,ऐसे मे इंस्पेक्टर साहब को थाना जाकर सीसीटीवी का अवलोकन करना चाहिये कि महिला का आरोप कितना सत्य हें या असत्य। इंस्पेक्टर साहब को सिरुआ गांव जाकर घटना स्थल पर लोंगों से पूछताछ करनी चाहिये कि विमला देवी के साथ कोई घटना घटी हें या नहीं फिर कांड को सत्य या असत्य करना चाहिये और अपना जांच प्रतिवेदन एसपी ग्रामीण को देना चाहिये।

पीड़ित महिला को अंचल कार्यालय पर बुलाकर इंस्पेक्टर द्वारा सुलह कराने का दबाव बनाना ,कहां तक उचित 

पीड़ित विमला का आरोप यह भी हें कि बहेड़ा पुलिस अंचल के इंस्पेक्टर ऐसा नहीं कर उसे बहेड़ा स्थित अपने कार्यालय मे बुलाकर सुलह करने का दवाब बना रहें हें। पुलिस के इस व्यबहार से विमला देवी काफ़ी परेशान है । उसका साफ कहना है कि पुलिस मेरे साथ मारपीट करने वाले क़ो बचाने का प्रयास कर रही हें और उसे ही परेशान कर रही है ।
पीड़ित विमला कह रही हें कि महेंद्र झा दबंग हें और पैसे वाले हें ऐसे मे क्या उसे न्याय पुलिस नहीं देगी ?

पीड़ित महिला का कहना हें कि वह स्थानीय पुलिस के व्यवहार से तंग आ गई हें।उसका कहना हें कि समाज मे कोई कमजोर हें ,गरीब हें ,पैसा नहीं हें तो पुलिस से न्याय का भरोसा करना बेईमानी हें। उसका कहना कि एक महिला होकर मे कहां कहां जाऊं लेकिन ऐसे पुलिस वालों की कार्यशैली को लेकर मे लड़ाई  लड़ूँगी। उसने कहा कि ऐसे मे गरीब और कमजोर को न्याय ही नहीं मिलेगा। उसने कहा कि अब महिला आयोग और पटना उच्च न्यायलय में इस बाबत शिकायत कर न्याय के लिये लड़ूँगी।

वहीं दूसरी ओर बहेड़ी थाना अध्यक्ष वरुण कुमार गोस्वामी का साफ कहना है कि विधि सम्मत कारवाई की जा रही हें।