हर दिल अजीज वरिष्ठ पत्रकार देवेंद्र ठाकुर पंच तत्व मे हो गये विलीन ,तीन दशक की पत्रकारिता मे उनके बड़े नाम और काम।पूरे जिले मे शोक की लहर ,डीएम ने कहा कि स्वभाव के धनी थे पत्रकार ठाकुर।

दरभंगा /संजय कुमार राय 

हर दिल अजीज वरिष्ठ पत्रकार देवेंद्र ठाकुर पंचतत्व मे विलीन हो गये। उनके बेटे अमित ठाकुर ने भीगो स्थित श्मशान घाट मे मुखाग्नि दी।दिवंगत पत्रकार अपने पीछे भरा -पूरा परिवार छोड़ गये हैं। उनकी पत्नी के अलावे बेटा ,बेटी ,पोता ,पोती समेत नाती -नतनी सब कोई हैं।
करीब तीन दशकों से वे पत्रकारिता जगत के
विभिन्न मीडिया संस्थानों में अपनी सहभागिता दी।
वरिष्ठ पत्रकार देवेंद्र कुमार ठाकुर का निधन रविवार की देर रात हृदय गति रुकने से एक निजी अस्पताल मे हो गई। दिल का दौरा पड़ते ही परिजन उन्हें अस्पताल ले गये थे ,जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
उनके निधन की खबर सुनते ही पत्रकारों समेत लोंगों के बीच शोक की लहर दौड़ गई।यही नहीं उन्हें देखने के लिये उनके आवास पर लोंगों की लंबी कतार खड़ी हो गई।
आवास पर पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था ।जहां कई गणमान्य लोगों के अलावे भारी संख्या में पत्रकारगण पहुंच गये । उनके अंतिम दर्शन के लिए सांसद गोपाल जी ठाकुर पूर्व मंत्री सह ग्रामीण विधायक ललित यादव, विधायक संजय सरावगी और हायाघाट के पूर्व विधायक अमरनाथ गामी,राजद के पूर्व जिला अध्यक्ष उमेश राय,भाकपा माले के जिला सचिव बैधनाथ यादव,उप मेयर नाजिया हसन,राजद नेता डॉ कुमार गौरव समेत कई हस्तियां शामिल हुए।
स्वर्गीय देवेंद्र कुमार ठाकुर ने अपनी पत्रकारिता तीन दशक पहले आर्यावर्त नामक दैनिक समाचार पत्रों से शुरू की थी उसके बाद संध्या प्रहरी,प्रातः कमल,नवबिहार टाइम्स,प्रातः किरण समेत कई अखबारों में दरभंगा जिले से समाचार संकलन किये थे । फिलहाल वें ग्लोबल इंडिया टीवी न्यूज़ के बिहार स्टेट हेड के पद पर काम कर रहे थे।

उनकी मृत्यु की खबर से जिला प्रशासन मे भी शोक की लहर दौड़ गई।जिलाधिकारी राजीव रौशन ने श्री ठाकुर के मृत्यु पर जिला जनसंपर्क कार्यालय में शोकसभा आयोजित करते हुए कहा कि श्री ठाकुर की मृत्यु से जिले में पत्रकार समुदाय एवं सामाजिक जगत में भारी क्षति हुई है।वे मिलनसार प्रवृत्ति एवं हंसमुख व्यक्ति थे।वे सदैव न्याय के लिए लड़ते रहते थे।

वहीं उप निदेशक सह जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी सत्येंद्र प्रसाद ने कहा कि श्री ठाकुर की निधन के बाद पत्रकारिता जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। सत्येंद्र प्रसाद ने कहा कि जिला प्रशासन हर संभव मदद के लिए उनके परिवार के साथ है।उन्होंने कहा कि वे हमेशा अपना अनुभव पत्रकारों के साथ साझा करते रहते थे।

शोक सभा में बड़ी तादाद में पत्रकारगण उपस्थित थे।उनके पार्थिक शरीर को रहमगंज स्थित आवास से अंत्येष्टि के लिए भिगो स्थित शमशान घाट ले जाया गया।मुखाग्नि पुत्र अमित कुमार ने दिया।

बता दे कि पत्रकारों की एक टीम हमेशा उनके साथ रहा करता था। कई पत्रकारों के चूल्हे स्व ठाकुर के बदौलत चल रहें थे। उन्हें पत्रकारों को मदद करने मे कभी शिकन महसूस नहीं होती थी। यही नहीं सामाजिक सरोकार के भी वे धनी थे। हमेशा लोंगों के साथ हंसकर बोलना ,मजाकिया लहजे मे हाल चाल पूछकर जवाब देना उनके नियति मे था। कई पत्रकारों के निधन पर या किसी भी घटना -दुर्घटना मे अस्पताल मे भर्ती होने पर चंदा इकट्ठा कर उसके परिवार को मदद पहुंचाना उनके सोच मे था ,चाहे उसके लिये उन्हें जो करना पड़े ,वे करते थे। मृदु भाषी के अलावे स्वभाव के भी धनी थे।इतना जल्दी ये कुछ हो गया किसी को यकीन नहीं हो रहा हैं।