दरभंगा जिला मे निगरानी विभाग की बड़ी कारवाई ,अलग अलग जगहों से रिश्वत लेते तीन गिरफ्तार ,एक सेंट्रल बेंक का शाखा प्रबंधक तो दूसरा बिजली विभाग का कार्यपालक अभियंता एवं किरानी।

कुशेश्वरस्थान, प्रशांत कुमार।

दरभंगा जिला मे निगरानी विभाग की टीम ने अलग अलग जगहों पर छापेमारी कर तीन लोंगों को गिरफ्तार किया हैं। इसमें एक सेंट्रल बेंक ऑफ इंडिया का शाखा प्रबंधक हैं वहीं दूसरा बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता एवं क्लर्क हैं।
सेंट्रल बेंक का मैनेजर 30हजार रुपये घुस लेते गिरफ्तार हो गया वहीं बिजली विभाग का कर्मी 40हजार रुपये घुस लेते गिरफ्तार किया गया हैं निगरानी विभाग की टीम अपने साथ शाखा प्रबंधक गुड्डू कुमार को लेकर पटना चली गई। विगत कई महीनो से शाखा प्रबंधक गुड्डू रजक के बारे में सीबीसी एवं क्षेत्रीय प्रबंधक से शिकायत की जा रही थी। लगातार शिकायत होने के बाद भी शाखा प्रबंधक के विरुद्ध कोई कार्रवाई क्षेत्रीय प्रबंधक के द्वारा नहीं किया जा रहा था।

जानकार बताते है कि नाबार्ड एनजीओ के तहत काम करने वाले रामानंद यादव ने पांच ग्रुप का साढ़े बारह लाख रुपए जेएलजी ग्रुप का लोन किया। इस लोन के ऐवज में एनजीओ कर्मी श्री यादव से 10 प्रतिशत घूस की राशि 125000 शाखा प्रबंधक के द्वारा मांगी जा रही थी। जिसकी शिकायत रामानंद यादव ने विजिलेंस से की थी।

बुधवार की सुबह करीब 9:00 बजे रामानंद यादव शाखा प्रबंधक को घूस की राशि की प्रथम किस्त ₹30000 उनके आवास पर देने गया। इस राशि में विजिलेंस के पदाधिकारी द्वारा पहले से ही केमिकल लगा दिया गया था घूस की राशि लेकर शाखा प्रबंधक अपने निकर के जेब में रखें इस समय विजिलेंस के पदाधिकारी ने आकर उसे राशि की रिकवरी की एवं एक गिलास पानी मांगकर एक ₹500 नोट की जांच की गई जिसमें केमिकल लगने की पुष्टि हुई।

इस संबंध में निगरानी टीम के डीएसपी एल के मिश्रा ने बताया कि शाखा प्रबंधक के विरुद्ध शिकायत मिली थी जिस आलोक मे हमलोग दो तीन महीने से लगे हुए थे आज तीस हजार रुपए के साथ पकड़ लिया गया है। बिजिलेंस की टीम के कुछ सदस्य शाखा प्रबंधक के सतीघाट स्थित आवास पर थी और कुछ सदस्य स्थानीय मार्केट के बस स्टैंड स्थित सेंट्रल बैंक के शाखा पर पहुंच कर जांच पड़ताल किया और फिर शाखा प्रबंधक को अपने साथ लेकर चले गए।

इस मामले में जब शाखा प्रबंधक श्री रजक से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इस मामले में मुझे फसाया जा रहा है। जिस व्यक्ति के द्वारा तीस हजार रुपये मुझे दी गई उस व्यक्ति का ब्रांच में पुराना लोन चल रहा था। और उसने फोन पर बात कर मुझे कहा कि मैं ब्रांच आने में सक्षम नही हूं। इसलिए मैंने उसे अपने आवास पर ही बुला लिया था। इसमे रामानंद यादव उस व्यक्ति के साथ षडयंत्र कर मुझे फंसाया है।
इधर बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता अजीत कुमार और क्लर्क रिंकू कुमारी को निगरानी विभाग की टीम ने 40000/चालीस हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया हैं।