लहेरियासराय थाना पुलिस की तत्परता से डीआईजी ऑफिस की टली बला ,स्थानीय पुलिस की लापरवाही से परिजन लाश लेकर सीधे पहुंच गया था डीआईजी कार्यालय।
दरभंगा/संजय कुमार राय
लहेरियासराय थाना की पुलिस की तत्परता के कारण आईजी कार्यालय की बला टल गई ,वरना चुनाव के इस मौसम मे भनक लगते ही राजनीति रोटी सेकने कई दल पहुंच जाते और हो हंगामा से इंकार नहीं किया जा सकता था। ऐसे मे जिला पुलिस की फेजिहत् भी हो जाती ?फिर सवाल यही उठता हैं कि किस थाने की लापरवाही से ऐसी बात हुई ?
यहां बता दे कि कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के बरना गांव निवासी विपिन राय के पुत्र विकास के संदिग्ध मौत के मामले मे पोस्टमार्टम के बाद ही यह खुलासा हो पाएगा कि उसकी मौत कैसे हुई ?लेकिन परिजनों द्वारा लाश लेकर डीआईजी कार्यालय पहुंचना यह पहली घटना हैं ?
ससुराल मे विकास की तबियत बिगड़ी ,मौत गांव मे या अस्पताल मे ?
हालांकि परिजनों का आरोप हैं कि ससुराल पहुंचते ही कुछ देर मे ही विकास की तबियत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई ?परिजनों का आरोप हैं कि चाय मे जहर मिलाकर उसे ससुराल वाले ने पीला दिया ?इस आरोप -प्रत्यारोप मे यह मामला पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद ही खुलकर सामने आयेगा कि तबियत बिगड़ने से मौत हुई या फिर उसे मार दिया गया ?
परिजनों का यह भी आरोप हैं कि विकास की लाश को उसके ससुराल वालों ने वरना गांव पहुंचाया लेकिन विकास के तबियत बिगड़ने की सूचना किसी ने गांव के लोंगों या परिजनों को नहीं दी यहां तक कि साथ गई पत्नी ने भी कोई सूचना ससुराल वाले को यानि विकास के माँ बाप को नहीं दिया। जब लाश बरना गांव पहुंची तो पूरे गांव मे अफरा तफरी का माहोल हो गया।
बेता पुलिस को सूचना दी गई या नहीं ?
खैर यह एक अलग मामला हैं ,लेकिन इस मामले मे दिलचस्प बात यह हैं कि विकास को जब डीएमसीएच मे भर्ती कराया गया था और बेता पुलिस को सूचना दी गई थी अगर सूचना दी गई थी फिर बेता पुलिस फर्द ब्यान लेने डीएमसीएच क्यू नहीं पहुंची ?और यही कारण बना कि लोग डीआईजी कार्यालय लाश को लेकर पहुंच गये।
