लहेरियासराय थाना की पुलिस ने भारी मात्रा मे नशे के रूप मे इस्तेमाल करनेवाली दवा को किया बरामद ,दो गिरफ्तार। ड्रग इंस्पेक्टर ने कहा कि सरकार द्वारा प्रतिबंधित दवा के बरामद होने से दवा कंपनी से पूछा जाएगा स्पष्टीकरण।
लहेरियासराय थाना की पुलिस ने भारी मात्रा मे नशे के रूप मे इस्तेमाल करनेवाली दवा को किया बरामद ,दो गिरफ्तार। ड्रग इंस्पेक्टर ने कहा कि सरकार द्वारा प्रतिबंधित दवा के बरामद होने से दवा कंपनी से पूछा जाएगा स्पष्टीकरण।
लहेरियासराय थाना की पुलिस ने भारी मात्रा मे नशे के रूप मे इस्तेमाल करनेवाली दवा को किया बरामद ,दो गिरफ्तार।
ड्रग इंस्पेक्टर ने कहा कि सरकार द्वारा प्रतिबंधित दवा के बरामद होने से दवा कंपनी से पूछा जाएगा स्पष्टीकरण।
दरभंगा /संजय कुमार राय
लहेरियासराय थाना की पुलिस और सीआईएसएफ के जवानों द्वारा की गई संयुक्त कारवाई मे पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।सर्दी -खांसी मे इस्तेमाल होनेवाली
दवा करीब 214पीस को पुलिस ने बरामद करते हुये दो युवक को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है ॥इन दवाईयों मे KORCOF – C एवं AFFCODहै।
इन दिनों इन दवाईयों का इस्तेमाल छोटे -छोटे बच्चे नशे के लिये कर रहें है इस कारण इनमें से कई दवाईयों को सरकार ने प्रतिबंध भी कर दिया है। भारी मात्रा मे नशे के रूप इस्तेमाल करने वाली दवा को लेकर लहेरियासराय थाना की पुलिस ने ड्रग इंस्पेक्टर को बुलाया और उनसे जानकारिया ली।
ड्रग इंस्पेक्टर संजीव झा ने मीडिया से कहा कि इन दिनों नशे के रूप मे इन दवाईयों को बच्चे ले रहें है इस कारण पुलिस के साथ मिलकर लगातार छापेमारी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि शनिवार की सुबह सैदनगर मुहल्ला के पास सूचना पर छापेमारी की गई थी। उन्होंने कहा कि इस दौरान एक आदमी इस दवाई को एक दुकान मे लेकर जा रहा था जिसके पास कोई ड्रग लाईसेंस नहीं था या फिर इस दवाई से संबंधित कोई कागज नहीं था।
उन्होंने कहा कि उसके पास ना परचेज बिल था ना सेल बिल था। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट है कि जो नारकोटिक्स दवाई है उसे गलत तरीके से इस्तेमाल के लिये ले जा रहा था। उन्होंने कहा कि दो तरह की दवाईंया बरामद की गयी है जो कुल 214पीस है और इसकी कीमत 30से 35हजार रुपये है। उन्होंने कहा कि दो लोंगों को गिरफ्तार किया गया है और पूछताछ की जा रही है कि इस दवा को आखिर कहां से लाया गया है।
ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि इसमें एक दवा korcof -c है जिसमें कंपोजीशन के कारण भारत सरकार ने जून 23मे ही प्रतिबंध लगा दिया गया था इसके बावजूद ऐसा लग रहा है कि यह धड़ल्ले से बिक रहा है। उन्होंने कहा कि इसका इन्वेस्टिगेशन अलग से होगा और इसे बेचने वालों या स्टोक रखने वालों को चिन्हित किया जाएगा यही नहीं जो मेनुफेक्चरिंग कंपनी है उससे भी स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित दावा का सेंपल लिया जा रहा है और उसे लेब भेजा जा रहा है लैब से जैसा रिपोर्ट आयेगा वैसी कारवाई की जाएगी।
लहेरियासराय थानाध्यक्ष दीपक प्रसाद ने कहा कि कानून संगत आगे की कारवाई की जा रही है।