अंजनी भारती बनी कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड प्रमुख, उपप्रमुख पद पर कुमारी अन्नू निर्विरोध निर्वाचित, नव निर्वाचित प्रमुख एवं उपप्रमुख को प्रमाण पत्र देने के बाद एसडीओ ने पद और गोपनीयता की दिलाई शपथ।

बिरौल/दरभंगा

अनुमंडल कार्यालय बिरौल में शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड प्रमुख एवं उपप्रमुख के हुए चुनाव में अंजनी भारती प्रमुख एवं कुमारी अन्नु उपप्रमुख निर्वाचित हुए।

इसके साथ ही कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड में पिछले 3 जनवरी 2024 से प्रमुख एवं उपप्रमुख पर अविश्वास प्रस्ताव और फिर इसके चुनाव को लेकर चल रहे राजनीतिक सरगर्मी का पटाक्षेप हो गया। अनुमंडल कार्यालय कक्ष में निर्वाचन पदाधिकारी सह एसडीओ उमेश कुमार भारती एवं पर्यवेक्षक आपदा प्रबंधन विभाग के अपर समाहर्ता सलीम अख्तर की उपस्थिति में सर्व प्रथम प्रमुख पद के लिए निवर्तमान प्रमुख बिजल पासवान और पंचायत समिति सदस्य अंजनी भारती ने अपना अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।

नामांकन पत्रों की संविक्षा में दोनों नामांकन पत्र वैध पाए गये।उसके बाद मतदान की प्रक्रिया शुरू की गई। पंचायत समिति के सभी 11 सदस्यों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। तत्पश्चात किये गए मतगणना में अंजनी भारती ने निवर्तमान प्रमुख बिजल पासवान को एक मत से पराजित कर कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड के प्रमुख पद पर काबिज हो गए। इसके बाद उपप्रमुख के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई। निर्धारित समय तक इस पद के लिए एक मात्र पंचायत समिति सदस्य कुमारी अन्नु देवी का नामांकन पत्र जमा हुआ था।इसलिए अन्नु देवी को निर्विरोध उपप्रमुख पद के लिए निर्वाचित घोषित किया गया। निर्वाचन पदाधिकारी श्री भारती ने नव निर्वाचित प्रमुख एवं उपप्रमुख को प्रमाण पत्र देने के बाद दोनों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड में प्रमुख एवं उपप्रमुख के वर्तमान चुनाव में राजद समर्थित उम्मीदवार अंजनी भारती एवं कुमारी अन्नु देवी के जीत से महागठबंधन खेमा में लोग आपस में लाल गुलाल लगाकर खुशी का इजहार किया।वहीं जदयू समर्थित निवर्तमान प्रमुख बिजल पासवान की हार से उनके समर्थकों में मायूसी देखा गया। इस दौरान अनुमंडल कार्यालय के 200 मीटर के परिधि में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू किया गया था। जिसके तहत सुरक्षा का पोख्ता इंतजाम किया गया था। मालूम हो कि कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड के इतिहास में इसके 1995 में हुई गठन के बाद दूसरी बार प्रमुख पद के लिए उपचुनाव हुआ है। जबकि उपप्रमुख पद के लिए पहली बार यह उपचुनाव है।इससे पहले वर्ष 2014 में हुए उपचुनाव में चंद्रिका कृष्ण प्रमुख चुनी गई थी। कुशेश्वरस्थान के लोगों का कहना है कि जदयू के विधायक रहने के बावजूद आरजेडी समर्थित प्रमुख एवं उपप्रमुख का कुर्सी पर काबिज होना राजनीतिक परिवेश में अच्छे संकेत नहीं हैं। मामला जो भी हो वह तो आनेवाला समय बतायेगा।फिलहाल आरजेडी समर्थकों में काफी उत्साह देखा गया।