शिक्षा और खेल के क्षेत्र मे दानवीर राजकुमार शुभेश्वर सिंह का योगदान अविस्मरणीय,राज कुमार शुभेश्वर सिंह के मूर्ति का हो स्थापना।
दरभंगा /
राजकुमार शुभेश्वर सिंह की 78वीं जयंती समारोह महाराजधिराज कामेश्वर सिंह मेमोरियल राज अस्पताल कामेश्वर नगर में मनाया गया।राज परिवार के राजकुमार के कीर्ति को भुलाया नहीं जा सकता। शुभेश्वर सिंह अपने पूर्वजों की तरह ही दानवीर थे मिथिलांचल में दो-दो कॉलेज ,संग्राहलय,अभिलेखागार के अलावे विभिन्न खेलों को बढ़ावा दिया। यही नहीं अभिव्यक्ति की आजादी के सबसे बड़े योद्धा थे कार्यक्रम का उद्घाटन डीएमसीएच के प्राचार्य डॉ. के ० एन० मिश्रा के द्वारा किया गया।
उन्होंने कहा कि मिथिला क्षेत्र में राज परिवार का अविस्मरणीय योगदान है जहां तक मुझे ज्ञात हुआ है दरभंगा मेडिकल कॉलेज को बनाने में इस परिवार का महत्वपूर्ण योगदान है और हम राज परिवार के योगदानों को कभी भुला नहीं सकते हैं। डॉक्टर मिश्रा ने कहा कि कई वर्षों से डीएमसीएच में महाराज रामेश्वर सिंह की मूर्ति रखी हुई है और कॉलेज प्रशासन इस बार 23 फरवरी को डीएमसीएच के गोल्डन जुबली वर्ष पर उसे स्थापित करने का प्रयास कर रही है उन्होंने कहा कि अगर जिला प्रशासन एवं राज परिवार अनुमति देगी तभी यह कार्य सफल हो पाएगा। इस तरह के कार्यक्रम और मेडिकल कैंप से समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों को भी लाभ मिलता है जिससे उनके कृतित्व की गाथा याद रहेगी। मंचासीन सम्मानित अतिथियों द्वारा स्वर्गीय राजकुमार शुभेश्वर सिंह के कृतियों पर प्रकाश डाला गया वक्ताओं में डॉ. बैद्यनाथ चौधरी ( बैजू) ने कहा कि राजकुमार शुभेश्वर सिंह का मिथिला के विकास में एवं मैथिली भाषा का अष्टम अनुसूची में शामिल करने में महत्वपूर्ण योगदान रहा है ,दानवीर राजकुमार शुभेश्वर सिंह की मूर्ति राज परिसर मे लगनी चाहिए जिससे उनकी यश गाथा युगो युगो तक अमर रहे। मारवाड़ी महाविद्यालय के अंग्रेजी विभाग के अवकाश प्राप्त विभागाध्यक्ष डा. हेमपति झा ने कहा कि राजकुमार शुभेश्वर सिंह जी के द्वारा दरभंगा शहर को विकसित करने में पूरा योगदान रहा, उनके साथ विताएँ पल के अनुभव को साझा किया,उन्होंने कहा की मै गवाह हुँ। राजनीतिक,साहित्यिक, और खेल गतिविधियों का विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. रमन कुमार वर्मा ने कहा राजकुमार सिंह की तुलना दानवीर कर्ण से की ,कहा जिस तरह उन्होंने कई संस्था खेल मैदान और सामाजिक बातो मे उनको किए योगदान को भुलाया नही जा सकता। आईआईटी मुंबई के अवकाश प्राप्त खेल पदाधिकारी डॉ. शिवनाथ झा ने कहा कि आज मिथिलांचल में जो भी खेल गतिविधि हो रहा है उसमें राजकुमार शुभेश्वर सिंह का योगदान सबसे अहम है। कहा कि एक बेहतर खिलाड़ी के साथ-साथ वह खेल को बढ़ाने वाले सबसे मुख्य मार्गदर्शक रहे। भाषा विज्ञान के विद्वान अतिथि के रूप में डॉ. मित्रनाथ झा ने कहा कि राजकुमार शुभेश्वर सिंह जी के मिथिला के प्रति किए गए विकास कार्यों पर विस्तृत रूप से प्रकाश डालना सूर्य को दिया दिखाने के बराबर है।
मंच संचालन तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. संतोष कुमार के द्वारा किया गया इस दौरान उन्होंने देश एवं मिथिलांचल में राज परिवार के अभूतपूर्व छाप की चर्चा की। दो दिवसीय चिकित्सा शिविर के दौरान आज पहले दिन शिविर में डीएमसीएच के डॉक्टरों द्वारा मरीजों का इलाज किया गया जिसमें डॉक्टर अभिषेक, डॉक्टर सुकेश, डॉक्टर आभास डॉक्टर विकास डॉक्टर गौरव के द्वारा सैकड़ों मरीजों का इलाज एवं मुफ्त दवा वितरण किया गया ।चिकित्सा शिविर को सफल बनाने में अस्पताल कर्मियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा इस शिविर में संस्था के सचिव सह राज दरभंगा के मैनेजर आशुतोष दत्त ,सह सचिव अमरकांत झा , प्रियांशु झा,रामकृष्ण दास , जितेंद्र ठाकुर, सचिन वर्मा, ,एस के पंकज,प्रशांत सेतु, बी के सिंह,प्रियव्रत बनर्जी, अशोक मंडल,नीरज कर्ण,संतोष झा, दीपक, आदि कर्मचारी उपस्थित थे रहे।
