प्रशासनिक पहल के बाद मुरिया मे शांति बहाल ,अपने अपने घरों से निकलकर दिया भाईचारे का संदेश।
प्रशासनिक पहल के बाद मुरिया मे शांति बहाल ,अपने अपने घरों से निकलकर दिया भाईचारे का संदेश।
प्रशासनिक पहल के बाद मुरिया मे शांति बहाल ,अपने अपने घरों से निकलकर दिया भाईचारे का संदेश।
दरभंगा /संजय कुमार राय
मूर्ती विसर्जन के दौरान दो पक्षों के बीच हुई भिड़ंत के बाद पुलिस प्रशासन और शांति समिति के सदस्यों की पहल के बाद मुरिया मे फिलहाल मामला शांत हों गया है।
शुक्रवार के दिन सदर एसडीओ ,सदर एसडीपीओ एवं शांति समिति के सदस्यों ने दोनों पक्षों को बिठाकर बातचीत की। इस दौरान दोनों पक्षों की और से 11-11सदस्य थे। वार्ता खत्म होने के बाद ग्रामीणों के साथ एसडीपीओ ,एसडीओ एवं शांति समिति के सदस्यों ने शांति मार्च निकाला। बंद पड़े दुकान को खुलवाया । दोनों पक्षों के लोंगों ने कहा कि अब कोई विवाद नहीं होगा।पूरे दिन डरे सहमे लोंगों ने अपना दुकान बंद कर रखा था वजह था कि कई दुकानों मे भी तोड़फोड़ की गई थी।
वार्ता के दौरान कई सदस्यों ने एक बात रखी और कहा कि 22जनवरी की हुई घटना को पुलिस ने गंभीरता से नहीं लिया अगर पुलिस उस मामले को गंभीरता से लेती तो दोनों पक्षों के बीच इस तरह की घटना नहीं होती।
स्थानीय लोंगों ने कहा कि भाईचारे के बीच हमलोग अपना अपना बेहतर संबंध बनाकर जीतें आयें है और इसे बनाने मे कई साल लगे है लेकिन छोटे छोटे बच्चे की नासमझी के कारण हमारे अटूट रिश्ते को बिगाड़ने मे लगे है। ऐसे बच्चों के माता पिता को डंटा देने के बजाय पढ़ाने पर जोर देना चाहिये ताकि एक अच्छा इंसान के अलावे एक सच्चा नागरिक बन सके। ऐसे मे उनका आनेवाला पीढी ही बर्बाद हों जाएगा। कई लोंगों ने अपनी अपनी बात अपने तरीके से रखा।
कारगर नहीं है भालपट्टी ओपी के ओपीअध्यक्ष ,पूजा से पूर्व की होती पुलिसिया तैयारी तो उपद्रवी को उपद्रव करने से पहले हों जाती कारवाई।
पुलिस मुख्यालय के आदेश के बावजूद जिला /इकाई के एसपी ने पुलिसकर्मियों के पत्र की कर दी अनदेखी ,कोई यहां तो कोई वहां ?नौकरी के बचे दो साल वाले पुलिसकर्मियों /को भी नहीं मिला उनका गृह /ऐच्छिक जिला ?