कारगर नहीं है भालपट्टी ओपी के ओपीअध्यक्ष ,पूजा से पूर्व की होती पुलिसिया तैयारी तो उपद्रवी को उपद्रव करने से पहले हों जाती कारवाई।

दरभंगा /संजय कुमार राय 

भालपट्टी ओपी के मुरिया गांव मे मूर्ती विसर्जन के दौरान दो पक्षों मे हुई रोड़ेबाजी मे स्थानीय पुलिस सजग रहती तो शायद यह घटना नहीं घटती। इस घटना के जिम्मेदार और भी कई प्रशासनिक/पुलिस अधिकारी है जिन्होंने समय रहते एसएसपी को पूर्व की घटना की जानकारी नहीं दी।
चूंकि जिला के एसएसपी हाल मे योगदान दिये है और उन्हें पूर्व मे हुई घटना से अवगत नहीं कराया गया ?लेकिन बचे सारे पुलिस पदाधिकारी 22जनवरी 24की घटना से अवगत थे। इसके बावजूद पुलिस ने तैयारी नहीं की और मूर्ती विसर्जन के दौरान यह घटना घट गई।
जी हम बात कर रहें है ,मुरिया मे 22जनवरी 24के दिन उस घटना की ,जिस दिन राम लला का अयोध्या मे प्राण प्रतिष्ठा का दिन निर्धारित था।
मुरिया मे शोभा यात्रा निकालने के बाद दो पक्षों मे विवाद हुआ ,गाली गलौज हुई और विवाद काफी बढ़ गया था। पुलिस की तैनाती की गई ,कई पदाधिकारी भी मुरिया पहुंचे और मामला शांत हुआ लेकिन आक्रोश वहां के युवकों के दिमाग मे था और पूजा के दौरान घटना घट गई।
इस मामले मे पुअनि विनोद कुमार सिंह के ब्यान पर 14-15लोंगों के विरुद्ध नामजद के अलावे 10-15अज्ञात लोंगों का नाम प्राथमिकी मे दर्ज की गई इसके बावजूद पुलिस हाथ पर हाथ धरी बैठी थी। दरअसल जमानतीय धारा रहने के कारण कारवाई नहीं हों सकी।
जब पुलिस को पता था कि यह इलाका अतिसंवेदनशील है तो पूर्व से ही धारा 107के तहत या अन्य धाराओं मे कारवाई क्यू नहीं की ?पुलिस को चाहिये था कि शरारती लोंगों का नाम इकट्ठा कर सभी पर पहले से कानून की सुसंगत धाराओं मे कारवाई करते या फिर नोटिस भेज़वाते लेकिन स्थानीय पुलिस द्वारा ऐसा नहीं किया गया अगर पुलिस द्वारा ऐसी कारवाई की जाती तो मुरिया मे रोड़ेबाजी की घटना नहीं होती। एसएसपी को ऐसे मामलों मे जानकारी लेकर गंभीरता से विचार करना चाहिये। अगर पुलिसिया सोच पुलिस नहीं रखती है तो राम नवमी और मुहर्रम जैसे पर्व को शांति पूर्ण तरीके से पुलिस कैसे संपन्न करा सकती है  ?यह बड़ा सवाल है।
वहीं दूसरी और बहेड़ा पुलिस की भी यही कमजोरी रही कि सरस्वती पूजा के पूर्व उनके द्वारा भी कोई योजना नहीं बनाई गई ना कोई मूर्त रूप दिया गया। ऐसे ऐसे त्योहारों मे थानाध्यक्ष को गांव इलाके मुहल्ले के शरारती तत्वों को चिन्हित कर कारवाई करनी चाहिये जो उन्होंने नहीं किया। भालपट्टी ओपी प्रभारी जब मब्बी ओपी मे तैनात थे तो ऐसी ही घटना घटी थी अब भालपट्टी ओपी क्षेत्र मे भी ऐसी घटना हों गई।