गुरुकुल क्लासेस में दसवीं बिहार बोर्ड के छात्र-छात्राओं को दी गई भावभीनी विदाई। जाओ बच्चे खुश रहना,ले लो आशीष हमारा,बस इतना ही संग था तुम्हारा-हमारा – पप्पू सिंह।
गुरुकुल क्लासेस में दसवीं बिहार बोर्ड के छात्र-छात्राओं को दी गई भावभीनी विदाई। जाओ बच्चे खुश रहना,ले लो आशीष हमारा,बस इतना ही संग था तुम्हारा-हमारा – पप्पू सिंह।
गुरुकुल क्लासेस में दसवीं बिहार बोर्ड के छात्र-छात्राओं को दी गई भावभीनी विदाई। जाओ बच्चे खुश रहना,ले लो आशीष हमारा,बस इतना ही संग था तुम्हारा-हमारा – पप्पू सिंह।
बिरौल/दरभंगा
प्रखंड के डुमरी रोड स्थित गुरुकुल क्लासेस में दशवीं के छात्र-छात्राओं को भावभीनी विदाई दी गई।मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित समाजसेवी संजय सिंह ने संस्थान के विगत वर्ष पूरे बिहार में उत्कृष्ट रिजल्ट के लिये संस्थान और पूरी शिक्षकों एवं छात्रों को शुभकामनाएं व्यक्त किये।संस्थान के फाउंडर नटवर चौधरी ने पाग,चादर,गुलदस्ता और प्रतीक चिन्ह देकर मुख्य अतिथि को सम्मानित किये। समाज सेवी पप्पू सिंह ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि मेरी शुभकामनाएं सदैव आप सभी छात्र-छात्राओं के स्वर्णिम और उज्ज्वल भविष्य के लिए है। दसवीं की परीक्षा जीवन की पहली परीक्षा होती है।इसके बाद आपको जीवन के लक्ष्य तक पहुंचने के सभी द्वार खुल जाते है।अपने-अपने माता-पिता के संघर्ष और उम्मीदों पर खरा उतरने का आप सबो के पास अच्छा अवसर है।सभी विषयों को अच्छे से रिवीजन करके बिना भय के परीक्षा दे।आपलोग परीक्षा से बिल्कुल घबराकर नहीं बल्कि अपनी पूरी तैयारी के साथ परीक्षा दे।मेगा टेस्ट के टॉपर छात्र-छात्राओं विक्की कुमार,सत्यम कुमार, मो.अली,वैभवी कुमारी,अंजलि कुमारी,लक्ष्मी कुमारी को मेडल,ट्रॉफी,किताब और मासिक शुल्क में स्कॉलरशिप प्रदान किया गया।फाउंडर श्री चौधरी ने कहा कि परीक्षा उतनी बड़ी चीज नहीं है जितना इसे बना दिया गया है।यह तो सफर का एक हिस्सा है जिससे पता चलता है कि आपकी काबिलियत किसमें है।मौके पर सभी शिक्षक एवं उपस्थित दर्जनों छात्र-छात्रायें भावुक नज़र आ रहे थे।