दरभंगा महाराज के खजाने से हुई करोड़ों रुपये की चोरी के मामले मे पकड़े गये तीन लोंगों को पुलिस ने छोड़ा ,नगर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जांच के बाद होगी सुसंगत कारवाई
दरभंगा /संजय कुमार राय
दरभंगा की पुलिसिंग को लेकर अफवाहों का बाजार गरम हैं। कोई भी जब हाई -प्रोफाईल मामला होता हैं तो पुलिस की गति की तेज रफ्तार देख लोग असमनजस मे पर जाते हैं और सोचने मे मजबूर हो जाते हैं कि पता नहीं पुलिसिया कारवाई क्या होगी। जुते की धड़ाम -धड़ाम की आवाज और पुलिस बलों की संख्या देख लोग हतप्रभ हो जाते हैं कि अब क्या होगा ?कौन कौन पकड़े जाएंगे पता नहीं कौन कौन जेल जाएगा। लेकिन 24घंटे बीतते बीतते यह ठमक पानी की तरह ठंडी हो जाती हैं। बस क्या हैं पुलिस पर तो लोग आसानी से आरोप लगा ही देते हैं ,और कहते हैं कि बड़ी डील हो गई होगी।लेकिन पुलिस की ऐसी कार्यशैली से लोग समझ तो जाते ही हैं कि गरम खून ठंडा कैसे पड़ गया।कुछ दिन पहले घटी घटना डॉक्टर की शराब पार्टी की थोड़ी चर्चा कर ले तो डीएमसीएच के गेस्ट हाउस से शराब के तीन बोतलों की बरामदगी हुई लेकिन गिरफ्तारी किसकी एवं कितनी हुई ? जांच मे मामला चल रहा हैं।महीनों बीत गये। यही शराब पार्टी कोई गरीब या आम आदमी कर ले और पुलिस की छापेमारी हो जाय तो जेल के सलाखों के पीछे जरूर धकेल दिया जाएगा ।लेकिन इस मामले मे कारवाई क्या हुई ?इस मामले मे m2s रेस्टूरेंट के एक हॉल को पुलिस ने सील किया लेकिन अन्य डॉक्टरों की गिरफ्तारी नदारद जब्कि जो विडिओ वायरल हुआ था उसमें दर्जन से अधिक डॉक्टर शराब पार्टी मे शामिल थे।
ठीक इसी तरह महाराजाधिराज के पोते ने करोड़ों रुपये मूल्य के आभूषणों की चोरी किये जानें के मामले मे विवि थाना मे आवेदन क्या दिया, आवेदन मिलते ही पुलिस की धड़ाम धड़ाम जूते की आवाज ऐसे सुनाई दी जैसे कुछ बड़ा होने वाला हैं। पुलिस की तत्परता देख कुमार कपिलेश्वर समेत राज परिवार के लोग गद गद हो गये। महारानी के रिश्तेदार उदय नाथ झा उर्फ विष्णु झा ,ट्रस्ट के प्रबंधक केदार नाथ मिश्र एवं स्वर्णकार शत्रुघ्न प्रसाद को पुलिस महज कुछ घंटों मे पकड़कर थाने लायी। स्वर्णकार के यहां उसके स्वीकारोत्ति पर गला हुआ सोना और चांदी भी बरामद कर पुलिस थाने लाई । एसडीपीओ अमित कुमार ने प्रेस को घटना को लेकर गिरफ्तारी के बाबत जानकारी दी।
लेकिन महज चंद घंटों मे गिरफ्तार किये लोग कहाँ चले गये पता नहीं चला।दरअसल इनकी गिरफ्तारी हुई ही नहीं थी ,इन्हें पूछताछ मे रखा गया था और पुलिस ने सभी को छोड़ दिया।
जब इस बाबत थानाध्यक्ष मदन प्रसाद से पूछा तो उन्होंने कहा कि पीआर बॉन्ड पर सभी को छोड़ दिया गया हैं।दरअसल इस मामले मे महारानी काम सुंदरी देवी के ब्यान से ही पुलिस अंतिम निर्णय पर पहुंचेगी । पुलिस एक बार फिर महारानी से इस मामले मे ब्यान लेने जा सकती हैं।
सिटी एसपी सुमन आर्य ने पूछने पर बताया कि फिलहाल पकड़े गये तीन लोंगों की गिरफ्तारी नहीं हुई थी उन्होंने कहा कि इस मामले मे तीनों को पूछताछ मे जरूर लिया गया था। उन्होंने कहा कि महारानी काम सुंदरी से भेंट कर यह ब्यान लेना पड़ेगा कि उनके कहने पर लॉकर खोला गया था अथवा नहीं ?उन्होंने कहा कि ट्रस्टी होने के नाते उनका अधिकार तो बनता हैं लेकिन कई ऐसे बारीकी बिंदु हैं जिसपर जांच करने के उपरांत ही निर्णय लेना श्रेयकर हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस मामले की जांच की जा रही हैं।दरअसल एसएसपी और सिटी एसपी दो दिन पहले ही दरभंगा जिला मे योगदान दिये हैं।इन्हें दरभंगा के पुलिस पदाधिकारियों के कार्यशैली का पता नहीं हैं इस कारण फिलहाल उन्हें बेहतर पुलिसिंग के लिये जानकारी जुटानी पड़ेगी।
हालांकि बताया जा रहा हैं कि महारानी काम सुंदरी देवी से बातचीत के बाद अगर कोई भी कमी पायी गई तो फिर से छोड़े गये तीनों लोंगों को बुलाकर पुलिस पूछताछ करेगी।
