पत्रों के आवाजाही को लेकर बिहार पुलिस मुख्यालय कर रही हैं डाक विभाग से बातचीत , जल्द ही होगा एमओयू पर हस्ताक्षर।

दरभंगा /संजय कुमार राय

अब पुलिस विभाग मे डाक ले जाने और उसे बितरण करने वाले पुलिस कर्मियों को जल्द ही फुर्सत मिलने वाली हैं। पुलिस मुख्यालय ने इस बाबत बड़ा फैसला लिया हैं। पुलिस मुख्यालय की और से जल्द ही डाक विभाग से समझौता होने वाली हैं और इसे लेकर एमओयू भी साइन किये जाएंगे।

पुलिस मुख्यालय के एडीजी जितेंद्र सिंह गंगवार ने यह जानकारी दी हैं। उन्होंने कहा हैं कि डाक वितरण मे बिहार के तकरीबन एक हजार पुलिस कर्मी लगे हुये हैं जिसे औसतन देखा जाय तो एक सिपाही को करीब पचास हजार रुपये वेतन हैं ,एक हजार सिपाही के वेतन मद मे पांच से छः करोड़ रुपये प्रति माह का खर्च आता हैं,जो विभिन्न कार्यालयों से इधर से उधर डाक ले जाने मे प्रतिनियुक्त होते हैं और विधि व्यवस्था से दूर रहते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य मे करीब 1066थाने हैं एवं 104 के करीब सभी कार्यालय हैं जहां एसपी ,रेल एसपी ,कमांडेंट , डीआई जी आईजी और उससे बड़े रेंक के पुलिस पदाधिकारी हैं जो वहां बैठते हैं। जहां लगातार डाक वितरण के लिये सिपाहियों को लगाया जाता हैं। उन्होंने कहा कि इन कामों के लिये महीने मे एक हजार के करीब सिपाही व्यवहार मे रहते हैं। डाक विभाग से बातचीत कई चरणों मे हुई हैं

उन्होंने कहा कि इस बारे मे विशेष जानकारी ली गई तो परिवहन विभाग एवं बेंक भी डाक के माध्यम से ही पत्रों का वितरण कराती हैं। बेंकों का चेकबुक या एटीएम कार्ड या अन्य कुछ भी डाक विभाग ही वितरण करती हैं।

एडीजी श्री गंगवार ने कहा कि पहली बार पुलिस विभाग ने यह बड़ा फैसला लिया हैं। इस काम मे सिपाही या डाक ऑडरली को एक जगह से दूसरी जगह डाक ले जानें मे जो लगे हैं उन्हें अब बंद कर डाक विभाग के हवाले से डाक का वितरण कराया जाएगा ।

उन्होंने उदाहरण देते हुये कहा कि एक सिपाही का औसतन वेतन देखा जाय या फिर मान ले कि 50 हजार रुपये हैं तो एक माह मे कुल पांच करोड़ का खर्च आता हैं और इसे सालाना देखें तो करीब 60करोड़ का खर्च आता हैं। यही नहीं डाक मे लगे कर्मी विधि व्यवस्था से दूर रहते हैं। अब इन एक हजार पुलिस डाक कर्मियों को विधि व्यवस्था मे लगा सकते हैं।

डाक विभाग से इस डाक को ले जानें मे 50ग्राम का लिफाफा 15रुपये ,दो सो या उससे अधिक दूरी ले जानें मे 35रुपये का खर्च हैं
उन्होंने कहा कि प्रतिवर्ष पुलिस विभाग मे दो से ढाई लाक पत्रों का वितरण होता हैं जिसपर एक से ढ़ेर करोड़ का खर्च हैं। इसे देखा जाय तो विभाग को काफी बचत होगी।उन्होंने कहा कि डाक विभाग से इसी सप्ताह समझौता किया जाएगा जिसपर डीआईजी कार्मिक और डाक विभाग के अधिकारी हस्ताक्षर करेंगे। उन्होंने यह भी कहा 21मार्च से ही पुलिस विभाग मे यह व्यवस्था शुरू होगी और 31मार्च तक एक्सपेरिमेंट के तौर पर देखा जाएगा और उसका आकलन भी किया जाएगा।अगर यह व्यवस्था सुदृढ़ रही तो आगे भी सुचारू रूप से चलाने के लिये डाक विभाग को दे दिया जाएगा। इसके लिये बीच बीच मे समीक्षा भी की जाएगी।
उन्होंने कहा कि डाक पत्रों की बिलिंग मुख्यालय स्तर से ही होगी। उन्होंने कहा कि डाक विभाग ने अश्वस्त किया हैं कि 24घंटे से 72घंटे के बीच पत्रों का वितरण एक स्थान से दूसरे स्थान तक हो जाएगा।